Trump vs EU Trade War: ग्रीनलैंड विवाद पर ट्रंप की 10% टैरिफ की धमकी, यूरोपीय संघ ने कहा- ‘अब बहुत हुआ!’

Trump vs EU Trade War: Donald Trump Greenland Issue: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूरोपीय संघ (EU) के बीच ट्रेड वॉर की चिंगारी अब शोला बन चुकी है। ग्रीनलैंड (Greenland) को लेकर चल रहे विवाद के बीच ट्रंप ने 8 यूरोपीय देशों पर 10% एक्स्ट्रा टैरिफ (Import Duty) लगाने का ऐलान किया है। इस कड़े रुख के बाद अब European Union ने भी ईंट का जवाब पत्थर से देने की तैयारी कर ली है।
Bernd Lange का कड़ा रुख: “Enough is Enough!”
Trump vs EU Trade War: यूरोपीय संसद की इंटरनेशनल ट्रेड कमेटी के अध्यक्ष Bernd Lange ने साफ कर दिया है कि वे ट्रंप की इस ‘धमकी’ के आगे झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने यूरोपीय आयोग (European Commission) से मांग की है कि वे तुरंत ‘Anti-Coercion Instrument’ का इस्तेमाल करें।
Lange ने LinkedIn पर पोस्ट करते हुए लिखा, “अब समय आ गया है कि हम अपनी ताकत दिखाएं। हमें बिना किसी देरी के एंटी-कोएरशन प्रक्रिया शुरू कर देनी चाहिए।”
किन 8 देशों पर गिरेगी ट्रंप के टैरिफ की गाज?
Trump vs EU Trade War: ट्रंप ने ऐलान किया है कि 1 फरवरी से निम्नलिखित देशों से आने वाले सभी सामानों पर 10% अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा:
डेनमार्क (Denmark)
नॉर्वे (Norway)
स्वीडन (Sweden)
फ्रांस (France)
जर्मनी (Germany)
ब्रिटेन (UK)
नीदरलैंड (Netherlands)
फिनलैंड (Finland)
टैरिफ को ‘Political Weapon’ बनाना खतरनाक
Trump vs EU Trade War: Bernd Lange ने ट्रंप की इस मूव को “Unbelievable” बताया है। उनका कहना है कि व्यापारिक शुल्क (Tariffs) को एक राजनीतिक हथियार (Political Weapon) की तरह इस्तेमाल करना अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है।
Trump vs EU Trade War: उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अमेरिका का यह कदम जुलाई 2025 में हुए EU-US ट्रेड एग्रीमेंट का खुला उल्लंघन है। Lange के मुताबिक, इस तनावपूर्ण माहौल में अब यूरोपीय संघ के लिए सामान्य तरीके से कामकाज जारी रखना मुमकिन नहीं है। अगले हफ्ते इस मुद्दे पर बड़ी बैठक होने वाली है, जिसमें आगे की कार्रवाई पर फैसला होगा।
क्या है Greenland विवाद? क्यों इसे खरीदना चाहते हैं ट्रंप?
Trump vs EU Trade War: ग्रीनलैंड, डेनमार्क के अधीन एक स्वशासित (self-governing) क्षेत्र है। ट्रंप अपने पहले कार्यकाल से ही ग्रीनलैंड में गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
रणनीतिक महत्व: अमेरिका का वहां पहले से ही मिलिट्री बेस है।
पुराना सपना: ट्रंप ने पहले इसे खरीदने की इच्छा जताई थी, जिसे डेनमार्क ने ‘बेतुका’ (Absurd) बताया था।
ताजा विवाद: अब ट्रंप इसे अपने कंट्रोल में लेने के लिए ‘सैन्य विकल्प’ (Military Options) तक की बात कर रहे हैं, जिससे यह संकट और गहरा गया है।



















