प्यार की जीत: जब जशपुर का ‘थाना’ बना शादी का मंडप, पुलिसवालों ने निभाई बारातियों की भूमिका

प्यार की जीत: जब जशपुर का ‘थाना’ बना शादी का मंडप, पुलिसवालों ने निभाई बारातियों की भूमिका. छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। यहाँ के पत्थलगांव थाना परिसर में सोमवार की रात उस समय खुशियों का माहौल बन गया, जब दो प्रेमी जोड़ों ने सामाजिक और पारिवारिक विरोध को दरकिनार कर विवाह के बंधन में बंधने का फैसला किया। पुलिस थाना परिसर में स्थित शिव मंदिर में मंत्रोच्चार के बीच दोनों जोड़ों ने सात फेरे लिए और एक-दूसरे को अपना जीवनसाथी स्वीकार किया।
समाज की बेड़ियों को तोड़कर एक हुए प्रेमी जोड़े
प्यार की जीत: अक्सर देखा जाता है कि जातिगत और सामाजिक बंधनों के कारण प्रेम कहानियों का अंत दुखद होता है, लेकिन पत्थलगांव में मामला इसके उलट रहा। यहाँ दो अलग-अलग प्रेमी जोड़ों ने साबित कर दिया कि यदि इरादे मजबूत हों, तो प्यार की जीत निश्चित है। अलग-अलग जातियों से होने के कारण इन जोड़ों के परिवार वाले शादी के खिलाफ थे, लेकिन प्रेमी युगलों ने अपने प्यार को मुकाम तक पहुँचाने के लिए कानून और पुलिस का सहारा लिया।
पुलिस ने निभाया ‘अभिभावक’ का फर्ज
प्यार की जीत: इस अनोखी शादी की सबसे खास बात यह रही कि यहाँ पुलिसकर्मी केवल सुरक्षा के लिए तैनात नहीं थे, बल्कि वे खुद बाराती और गवाह बने। शादी के दौरान जब एक जोड़े के परिजनों ने विरोध जताया और थोड़ा हंगामा हुआ, तो पुलिस ने स्थिति को संभाला और कानून सम्मत तरीके से शादी संपन्न कराई। दोनों जोड़ों के बालिग होने और उनकी सहमति के आधार पर पुलिस ने उन्हें सुरक्षा प्रदान की और नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देकर विदा किया।
जानिए कौन हैं वो दो जोड़े जिन्होंने रचाई अनोखी शादी
प्यार की जीत: इस विवाह समारोह में दो कहानियाँ एक साथ जुड़ीं:
पल्लवी और निर्मल की जोड़ी: अमाकानी की रहने वाली पल्लवी मरकाम ने गोढ़ीकला निवासी निर्मल लहरे के साथ भगवान शिव को साक्षी मानकर विवाह किया।
रानुराधा और रामकुमार की जोड़ी: प्रेमनगर की रानुराधा नामदेव ने रामकुमार विश्वकर्मा के साथ जीवनभर साथ निभाने की कसमें खाईं। रानुराधा और रामकुमार बीते एक साल से प्रेम संबंध में थे और उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए पहले ही थाने में आवेदन दिया था।
कानून और मानवता का संगम
प्यार की जीत: पत्थलगांव थाने में हुई यह शादी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि पुलिस का यह मानवीय चेहरा सराहनीय है। जहाँ एक तरफ पुलिस अपराधियों पर नकेल कसती है, वहीं दूसरी ओर सच्चे प्रेम करने वालों को सुरक्षा प्रदान कर समाज में एक सकारात्मक संदेश भी दे रही है। थाने में गूंजी शहनाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रेम और अटूट विश्वास के आगे हर सामाजिक बाधा बौनी साबित होती है।



















