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PM Awas Yojana Scam Gariaband: रिकॉर्ड में बन गए महल, जमीन पर सिर्फ टूटी झोपड़ियां; जानें पूरा मामला

PM Awas Yojana Scam Gariaband: Gariaband News: PM Awas Yojana scam in Kopra Nagar Panchayat where 12 beneficiaries found their houses completed on paper but not in reality. Read more about this technical glitch or corruption.

PM Awas Yojana Scam Gariaband:  छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। Nagar Panchayat Kopra में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) को लेकर एक ऐसा ‘अजब-गजब’ खेल चल रहा है, जिसने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

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PM Awas Yojana Scam Gariaband: सरकारी कागजों (Government Records) में 12 गरीब परिवारों के पक्के मकान बनकर तैयार हो चुके हैं और उनके नाम पर फंड भी रिलीज हो चुका है, लेकिन असलियत (Ground Reality) यह है कि ये लोग आज भी टूटी-फूटी झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं।

आखिर क्या है पूरा मामला? (The PMAY Discrepancy)

PM Awas Yojana Scam Gariaband: नगर पंचायत कोपरा के 12 ऐसे पात्र हितग्राही (Eligible Beneficiaries) हैं, जिन्हें योजना का लाभ मिलना चाहिए था। लेकिन जब लिस्ट चेक की गई, तो पता चला कि रिकॉर्ड में उनके नाम के आगे ‘आवास पूर्ण’ (House Completed) दिखाया गया है।

Key Points of the Scam:

  • Paper vs Reality: सरकारी अभिलेखों में मकान बन चुके हैं, लेकिन जमीन पर एक ईंट भी नहीं रखी गई।

  • Fund Mystery: इन हितग्राहियों के नाम पर राशि (Funds) जारी दिखाई दे रही है, पर पैसा किसके खाते में गया, इसका कोई जवाब नहीं है।

  • Survey Ignored: सर्वे सूची में नंबर वन होने के बावजूद ये लोग PM Awas Yojana (Urban 2.0) के लाभ से वंचित हैं।

प्रशासन का क्या कहना है? (Admin’s Response)

PM Awas Yojana Scam Gariaband: जब यह मामला गरमाया, तो अधिकारियों ने इसे एक Technical Error करार दिया। प्रशासन का कहना है कि पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी के कारण ऐसा हुआ है। इसके समाधान के लिए National Informatics Centre (NIC), भारत सरकार को पत्र (Letter) लिखा गया है। हालांकि, 3 महीने बीत जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस समाधान (Solid Solution) नहीं निकला है।

इन 12 परिवारों की बढ़ी मुश्किलें (List of Beneficiaries)

PM Awas Yojana Scam Gariaband: पीड़ितों में होरीलाल चक्रधारी, कमलराम साहू, सुदर्शनलाल, महेंद्र कुमार साहू और अन्य शामिल हैं। इन लोगों ने 09 दिसंबर को कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत भी की थी। जांच में शिकायत सही पाई गई, फिर भी विभागीय लापरवाही के कारण इनका नाम पोर्टल से नहीं हटाया गया है।

पीड़ितों का सवाल:

“जब हमने पैसा नहीं निकाला और न ही हमारा मकान बना, तो सरकारी पोर्टल पर हमारा नाम ‘Benefited’ कैसे दिखा रहा है? हमारा पैसा आखिर गया कहां?”

PM Awas Yojana Scam Gariaband: यह खबर सीधे तौर पर Government Schemes और Public Grievances से जुड़ी है। छत्तीसगढ़ में PM Awas Yojana एक बड़ा मुद्दा है। इस तरह की ‘Human Interest Stories’ और ‘Scams’ की खबरें Google Discover में जल्दी पिक होती हैं क्योंकि इनमें लोकल टच और इम्पैक्ट (Local Impact) होता है।

Conclusion

PM Awas Yojana Scam Gariaband: गरियाबंद के कोपरा में हुआ यह वाकया भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है या फिर यह वाकई एक गंभीर तकनीकी चूक है? यह तो जांच के बाद ही साफ होगा। लेकिन फिलहाल, 12 परिवार न्याय की आस में कलेक्टोरेट के चक्कर काट रहे हैं।

Dr. Tarachand Chandrakar

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