
ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़:छत्तीसगढ़ में अवैध ऑनलाइन सट्टा कारोबार के खिलाफ पुलिस का अभियान ‘क्लीन स्वीप’ तेजी से जारी है। ताजा कार्रवाई में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और गंज थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से जाल बिछाकर मुख्य मास्टरमाइंड बाबू उर्फ गुलशन खेमानी के दो सक्रिय सहयोगियों को गिरफ्तार किया है।
फर्जी बैंक खातों और सिम कार्ड का बड़ा नेटवर्क
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान संदीप इसरानी उर्फ गोलू और मनसून रजा के रूप में हुई है। जांच में खुलासा हुआ है कि ये दोनों आरोपी गिरोह के लिए ‘रीढ़ की हड्डी’ का काम कर रहे थे।
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ग्रामीणों का इस्तेमाल: आरोपी सीधे-साधे ग्रामीणों को प्रलोभन देकर उनके नाम पर मोबाइल सिम और बैंक खाते हासिल करते थे।
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ट्रांजैक्शन का खेल: इन फर्जी खातों का उपयोग सट्टे से होने वाली करोड़ों की काली कमाई को सफेद करने और इधर-उधर भेजने के लिए किया जाता था।
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कमीशन का लालच: आरोपियों को हर ट्रांजैक्शन पर मोटा कमीशन मिलता था। पुलिस ने संदीप इसरानी के नाम पर पंजीकृत कई सक्रिय सिम कार्ड भी बरामद किए हैं।
अब तक 29 गिरफ्तारियां, करोड़ों का हिसाब बाकी
ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़:इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस की पकड़ अब मजबूत होती जा रही है।
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कुल गिरफ्तारी: बाबू खेमानी सहित इस गिरोह से जुड़े अब तक 29 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
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बड़ी रिकवरी: पूर्व में हुई गिरफ्तारियों के दौरान पुलिस ने करीब 1.20 करोड़ रुपये के हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए थे।
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कमिश्नरेट का एक्शन: रायपुर पुलिस ने अब तक सट्टे से जुड़े 14 मामलों में 71 आरोपियों को पकड़कर कुल 2.98 करोड़ रुपये की संपत्ति और नकदी फ्रीज/जब्त की है।
50 से अधिक फर्जी आईडी और पारिवारिक संलिप्तता
जांच में सामने आया है कि मास्टरमाइंड बाबू खेमानी अपने भाई करण खेमानी के साथ मिलकर इस सिंडिकेट को चला रहा था। गिरोह ने सट्टा संचालन के लिए 50 से अधिक फर्जी आईडी बना रखी थीं। फिलहाल पुलिस को खेमानी के पिता और कुछ अन्य मुख्य सहयोगियों की तलाश है, जिनके लिए विशेष टीमें रवाना की गई हैं।
कठोर धाराओं के तहत कानूनी शिकंजा
ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़:गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कुछ सफेदपोश चेहरों का भी खुलासा हो सकता है।
ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़: प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपना आधार कार्ड, बैंक विवरण या ओटीपी (OTP) साझा न करें, क्योंकि इनका उपयोग अवैध सट्टा गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।









