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मध्यप्रदेश

AI vs Illegal Mining: UP-MP Border पर लगे ‘E-Check Gates’, अब बिना रॉयल्टी वाली गाड़ियों की खैर नहीं!

AI vs Illegal Mining: अगर आप भी खनिज (minerals) के ट्रांसपोर्टेशन बिजनेस में हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। Chhatarpur district में अवैध परिवहन (illegal transportation) और ओवरलोडिंग की कमर तोड़ने के लिए प्रशासन ने अब ‘High-Tech’ रास्ता अपना लिया है।

AI vs Illegal Mining: अब सड़कों पर पुलिस से ज्यादा Artificial Intelligence (AI) का पहरा होगा। जिले के लवकुशनगर क्षेत्र के पुरा (Pura) और रामपुर घाट (Rampur Ghat) पर प्रदेश के पहले अत्याधुनिक Unmanned E-Check Gates शुरू कर दिए गए हैं।

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तीसरी आंख (AI) रखेगी हर गाड़ी पर नज़र

AI vs Illegal Mining: UP-MP Border पर लगे 'E-Check Gates', अब बिना रॉयल्टी वाली गाड़ियों की खैर नहीं!

AI vs Illegal Mining: इन ई-गेट्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ किसी इंसान की जरूरत नहीं पड़ेगी। जैसे ही कोई गाड़ी इन गेट्स से गुजरेगी, सिस्टम ऑटोमेटिकली पहचान लेगा कि गाड़ी पर रॉयल्टी चुकाई गई है या नहीं।

Key Highlights of the New System:

  • RFID Tag Mandatory: अब हर खनिज ढोने वाले वाहन की विंडशील्ड पर Radio Frequency Identification (RFID) टैग लगा होना अनिवार्य है।

  • Automatic Scanning: गाड़ी के गुजरते ही सिस्टम उसकी पूरी जानकारी, जैसे—मालिक का नाम, माल की मात्रा और परमिट—को स्कैन कर लेगा।

  • Direct Challan: अगर किसी गाड़ी ने नियम तोड़े या बिना रॉयल्टी के निकली, तो सीधे गाड़ी मालिक के घर Online Challan पहुंचेगा।

कैसे काम करता है यह हाई-टेक ‘E-Check Gate’?

AI vs Illegal Mining: इस नई व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी (transparent) बनाने के लिए इसमें तीन बड़े टेक्निकल फीचर्स जोड़े गए हैं:

फीचर कैसे काम करेगा?
Varifocal Camera यह कैमरा दूर से ही तेज रफ्तार वाहनों की हाई-क्वालिटी फोटो खींच लेगा।
ANPR सिस्टम Automatic Number Plate Reader वाहन की नंबर प्लेट को तुरंत स्कैन कर डेटाबेस से मैच करेगा।
Weight Matching गाड़ी के वजन का मिलान सीधे E-Transit Pass से किया जाएगा ताकि ओवरलोडिंग पकड़ी जा सके।

भोपाल कंट्रोल रूम से होगी सीधी मॉनिटरिंग

AI vs Illegal Mining: इस पूरे सिस्टम का कंट्रोल जिले के पास नहीं, बल्कि सीधे Bhopal स्थित कंट्रोल रूम के पास होगा। इससे स्थानीय स्तर पर होने वाली मानवीय दखलअंदाजी और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।

अमित मिश्रा (डिप्टी डायरेक्टर, माइनिंग) के अनुसार, “यह सिस्टम 24 घंटे एक्टिव रहेगा। अगर कोई वाहन बिना वैलिड ई-ट्रांजिट पास के पाया जाता है, तो उस पर तुरंत ऑनलाइन कार्रवाई (Online Penalty) की जाएगी।”

Expert Tip for Transporters: अपनी गाड़ी पर RFID टैग जरूर लगवाएं और हमेशा वैलिड ई-पास के साथ ही सफर करें, वरना भारी-भरकम जुर्माना सीधे आपके घर दस्तक देगा!

Dr. Tarachand Chandrakar

Editor-in-Chief

डॉ. ताराचंद चंद्राकर एक प्रखर विचारक और अनुभवी पत्रकार हैं, जो 'निडर छत्तीसगढ़' के माध्यम से निष्पक्ष और बेबाक पत्रकारिता को नई दिशा दे रहे हैं। तथ्यों की शुद्धता और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें डिजिटल पत्रकारिता में एक विश्वसनीय नाम बनाया है।

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