
Durg News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। Durg Municipal Corporation के एक कर्मचारी ने हिंदू देवी-देवताओं और पूजनीय गुरुओं के खिलाफ व्हाट्सएप पर अभद्र टिप्पणी की, जिसके बाद भारी हंगामा खड़ा हो गया। बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आरोपी को निगम दफ्तर से खींचकर बाहर निकाला और जमकर पिटाई कर दी।
क्या है पूरा मामला? (The Background)


Durg News: दुर्ग नगर निगम में Gautam Sahu नाम का युवक निगम आयुक्त के निजी सहायक (Private Assistant) के तौर पर प्लेसमेंट कर्मचारी के पद पर कार्यरत है। मामला तब बिगड़ा जब गौतम की एक महिला कर्मचारी के साथ हुई Personal WhatsApp Chat सार्वजनिक हो गई।
इस चैट में आरोपी ने:
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हिंदू देवी-देवताओं के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
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उज्जैन के महाकाल बाबा, हनुमान जी और नीम करौली बाबा के खिलाफ गालियां दीं।
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धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी की।
ऑफिस से खींचकर बाहर निकाला, फटे कपड़े

Durg News: व्हाट्सएप चैट वायरल होते ही बजरंग दल और स्थानीय हिंदू संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा। दोपहर करीब 1 बजे बड़ी संख्या में कार्यकर्ता निगम दफ्तर पहुंचे। उन्होंने सीधे आयुक्त के ऑफिस में धावा बोला और गौतम साहू को खींचकर बाहर ले आए।
गुस्साए लोगों ने आरोपी की Publicly पिटाई की, जिससे उसके कपड़े तक फट गए। घटना के दौरान निगम परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा और कामकाज पूरी तरह ठप हो गया।
Police Action और FIR दर्ज
Durg News: हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद गौतम साहू को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर Padmanabhpur Police Station ले गई।
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बजरंग दल के जिला संयोजक सौरभ देवांगन ने इसे ‘जिहादी मानसिकता’ करार दिया है।
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जिला मंत्री राकेश तिवारी ने सवाल उठाया कि एक प्लेसमेंट कर्मचारी को इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी कैसे दी गई?
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पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और आगे की जांच जारी है।
Key Highlights:
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Religious Sentiment: हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी से भड़का आक्रोश।
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Viral Chat: महिला कर्मचारी के साथ हुई व्हाट्सएप चैट ने खोला राज।
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Vigilante Justice: भीड़ ने निगम दफ्तर के अंदर घुसकर आरोपी को पीटा।
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Durg Police: पदमनाभपुर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामला दर्ज किया।
Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल चैट और मौके पर हुए हंगामे के आधार पर तैयार की गई है। कानून को अपने हाथ में लेना दंडनीय अपराध है।









