
Dantewada Eye Surgery News Update: Dantewada Botched Cataract Surgery: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में हुए मोतियाबिंद ऑपरेशन (Cataract Operation) मामले में National Human Rights Commission (NHRC) ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव (Principal Secretary) को एक सशर्त समन (Conditional Summons) जारी कर तलब किया है।
यह पूरा मामला ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में घोर लापरवाही, खराब हाइजीन और मरीजों के मानवाधिकारों (Human Rights) के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है।
Dantewada Cataract Case
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The Incident: अक्टूबर 2024 में दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशनों के बाद कई मरीजों की आंखों में गंभीर इन्फेक्शन फैल गया था।
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The Impact: संक्रमित उपकरणों और खराब स्वच्छता व्यवस्था के कारण कई मरीजों की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए प्रभावित हो गई।
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NHRC Action: स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव को 10 जून 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया गया है।
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The Deadline: यदि विभाग 3 जून 2026 तक अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट (Action Taken Report) सौंप देता है, तो पर्सनल अपीयरेंस से छूट मिल सकती है।
क्या था पूरा मामला? (Background of the Case)
Dantewada Botched Cataract Surgery: अक्टूबर 2024 में दंतेवाड़ा के जिला अस्पताल में एक मोतियाबिंद सर्जरी कैंप का आयोजन किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक (उल्लेखनीय है कि यह मामला पहले [Nidar Chhattisgarh](https://nidarchhattisgarh.com/strict-action-on-negligence-in-cataract-surgery-three-employees-including-eye-surgeon-suspended/) में प्रकाशित हुआ था, जिसके आधार पर आयोग के समक्ष शिकायत दायर की गई।), वहां इस्तेमाल किए गए उपकरण संक्रमित (contaminated) थे और अस्पताल में स्वच्छता के नियमों की धज्जियां उड़ाई गई थीं। इस चिकित्सीय लापरवाही के चलते कई बेकसूर ग्रामीण मरीजों की आंखों की रोशनी पर हमेशा के लिए संकट मंडरा गया।
मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने शुरुआती कार्रवाई करते हुए कुछ स्वास्थ्यकर्मियों को सस्पेंड भी किया था, लेकिन पीड़ितों को पूरा न्याय मिलना अभी बाकी है।
Whistleblower की पहल: इस गंभीर लापरवाही को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता और व्हिसलब्लोअर असिफ खान ने NHRC में एक विस्तृत शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पीड़ितों के लिए उचित मुआवजे, स्वतंत्र जांच और ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग की थी। यह मामला सबसे पहले Nidar Chhattisgarh पोर्टल पर प्रमुखता से प्रकाशित हुआ था।
NHRC क्यों हुआ सख्त? (Why NHRC Took Strict Action)
Dantewada Botched Cataract Surgery: मानवाधिकार आयोग ने अपने हालिया आदेश में साफ कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार को इस मामले में पहले भी अंतिम रिमाइंडर (Reminders) भेजे जा चुके थे। इसके बावजूद सरकार की तरफ से कोई ठोस Action Taken Report (ATR) जमा नहीं की गई।
इसी ढुलमुल रवैए को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने अब प्रमुख सचिव को समन भेजा है। हालांकि, आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर 3 जून 2026 तक जरूरी रिपोर्ट सबमिट हो जाती है, तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल
Dantewada Botched Cataract Surgery: इस दर्दनाक मामले ने ग्रामीण इलाकों में दी जाने वाली मेडिकल सुविधाओं और इन्फेक्शन कंट्रोल सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि NHRC का यह कड़ा कदम सरकारी सिस्टम में Accountability (जवाबदेही) तय करने के लिए बेहद जरूरी है। अब पीड़ित परिवारों को आस बंधी है कि आयोग के दखल के बाद उन्हें उचित मुआवजा, बेहतर इलाज और न्याय मिल सकेगा।
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