
Chhattisgarh Industry News: Chhattisgarh Environment Department Action: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ (Raigarh) जिले से एक बड़ी खबर आ रही है। पर्यावरण नियमों (Environmental Rules) की धज्जियां उड़ाने वाले उद्योगों पर पर्यावरण विभाग ने कड़ा एक्शन लिया है। फ्लाईऐश (Fly Ash) और इंडस्ट्रियल वेस्ट (Industrial Waste) का सही तरीके से मैनेजमेंट न करने के कारण 10 बड़ी औद्योगिक इकाइयों पर 13 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना (Environmental Compensation) लगाया गया है।
इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद से नियमों को ताक पर रखकर काम करने वाले उद्योगपतियों में हड़कंप मच गया है।
Fly Ash के लचर प्रबंधन पर प्रशासन का कड़ा रुख
Chhattisgarh Industry News: विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पिछले काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कई कंपनियां अपने प्लांट से निकलने वाली राखड़ (Fly Ash) और हानिकारक कचरे का निपटान वैज्ञानिक तरीके (Scientific Method) से नहीं कर रही थीं।
खुले में फेंकी जा रही थी राखड़
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Air Pollution में बढ़ोतरी: खुले में और रिहायशी इलाकों (Residential Areas) के पास राखड़ फेंकने से एयर पॉल्यूशन तेजी से बढ़ रहा था।
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Health & Agriculture को नुकसान: इस लापरवाही के कारण स्थानीय लोगों की सेहत और खेती की जमीन (Agricultural Land) पर बेहद बुरा असर पड़ रहा था।
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Media Impact: स्थानीय मीडिया (जैसे पत्रिका) द्वारा इस मुद्दे को लगातार उठाए जाने के बाद विभाग ने पिछले 6 महीनों में एक सघन जांच अभियान (Intensive Inspection Drive) चलाया, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई।
NR Ispat पर लगा सबसे भारी जुर्माना
Chhattisgarh Industry News: इस पूरी कार्रवाई में गौरमुड़ी स्थित मेसर्स एन.आर. इस्पात (M/s N.R. Ispat) पर पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने के लिए सबसे भारी ₹4.80 लाख का जुर्माना लगाया गया है।
इसके अलावा जिन प्रमुख कंपनियों पर गाज गिरी है, उनकी लिस्ट नीचे दी गई है:
| कंपनी का नाम (Company Name) | जुर्माने की राशि (Fine Amount) |
| मेसर्स एन.आर. इस्पात | ₹4,80,000 |
| मेसर्स विमला इंफ्रास्ट्रक्चर (कोल वाशरी) | ₹62,500 |
| मेसर्स विमला इंफ्रास्ट्रक्चर (रेलवे साइडिंग) | ₹37,500 |
| एनटीपीसी लारा सुपर थर्मल पावर (मामला 1) | ₹61,500 |
| एनटीपीसी लारा सुपर थर्मल पावर (मामला 2) | ₹60,500 |
इन कंपनियों पर भी हुई दंडात्मक कार्रवाई:
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मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर प्रा.लि. (Singhal Steel & Power)
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श्याम इस्पात (Shyam Ispat)
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सुनील इस्पात एंड पावर (Sunil Ispat & Power)
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अंजनी स्टील (Anjani Steel)
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बी.एस. स्पंज (B.S. Sponge)
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टी.आर.एन. एनर्जी (T.R.N. Energy)
क्या वाकई खतरे में है Raigarh की Air Quality?
Chhattisgarh Industry News: एक तरफ जहां उद्योगों पर लगातार एक्शन हो रहा है, वहीं पर्यावरण संरक्षण मंडल (Environment Conservation Board) ने एक राहत की बात भी कही है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने की आशंकाएं पूरी तरह सच नहीं हैं।
Official Statement: “उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, रायगढ़ जिले की वायु गुणवत्ता (Air Quality) फिलहाल नियंत्रित और स्थिर बनी हुई है। उद्योगों का नियमित निरीक्षण (Regular Inspection) किया जा रहा है, और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।”









