
Chhattisgarh Fuel Price Hike: Fuel Price Hike in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में ईंधन की कीमतों में हुई हालिया बढ़ोतरी (Fuel Price Hike) को लेकर सियासत पूरी तरह गरमा गई है। भाकपा(माले) लिबरेशन छत्तीसगढ़ (CPI(ML) Liberation) ने इस फैसले की कड़ी निंदा की है। पार्टी का साफ कहना है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (LPG) के दाम बढ़ने से आम जनता पर महंगाई का दोहरा बोझ पड़ेगा, जिससे उनकी रोजी-रोटी और जिंदगी पर बेहद बुरा असर होने वाला है।
ईंधन के दाम बढ़ने से आम जनता पर क्या होगा असर?
Chhattisgarh Fuel Price Hike: भाकपा(माले) लिबरेशन के अनुसार, फ्यूल प्राइसेज में किसी भी तरह की बढ़ोतरी का सीधा डोमिनो इफेक्ट (Domino Effect) पूरे मार्केट पर देखने को मिलता है:
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खेती-बाड़ी और ट्रांसपोर्ट पर सीधी मार: पेट्रोल-डीजल महंगे होने से ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट (Transportation Cost) बढ़ जाएगी। इसका सीधा नतीजा यह होगा कि रोजमर्रा की जरूरी चीजों (Essential Commodities) की कीमतें आसमान छूने लगेंगी।
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बढ़ेगी आर्थिक तंगी (Economic Distress): देश का मजदूर और मध्यम वर्ग पहले से ही आर्थिक तंगी झेल रहा है। इस फैसले से उनकी बची-कुची बचत भी खत्म हो जाएगी।
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मजबूरन पलायन और बेरोजगारी: पार्टी ने चेतावनी दी है कि एलपीजी की कमी, रेस्टोरेंट का बंद होना और बढ़ती बेरोजगारी जैसे गहरे आर्थिक संकट के संकेत अभी से दिखने लगे हैं, जिसके कारण मजदूरों का बड़े पैमाने पर पलायन (Migration of Labour) हो सकता है।
“ग्लोबल क्रूड ऑयल और मिडिल ईस्ट संकट सिर्फ एक बहाना”
Chhattisgarh Fuel Price Hike: पार्टी के राज्य सचिव बृजेन्द्र तिवारी (Brijendra Tiwari) ने सरकार के तर्कों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार इस मूल्य वृद्धि को सही ठहराने के लिए वैश्विक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों (Global Crude Oil Prices) और पश्चिम एशिया के संघर्ष (West Asia Conflict) का हवाला दे रही है, जो कि पूरी तरह से गलत है।
बृजेन्द्र तिवारी का बड़ा आरोप: “पिछले कई सालों से देश की जनता पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर भारी टैक्स (Heavy Taxes) का बोझ उठाती आ रहे है। जब इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर गिरी थीं, तब उसका फायदा कभी भी आम लोगों को नहीं दिया गया। अब तेल कंपनियों के मुनाफे (Oil Companies’ Profit) को सुरक्षित रखने के लिए मोदी सरकार अपनी आर्थिक और विदेश नीति की नाकामियों का पूरा बोझ जनता पर थोप रही है।”
CPI(ML) Liberation ने सरकार से की ये बड़ी मांगें:
Chhattisgarh Fuel Price Hike: आने वाली बड़ी आर्थिक आपदा (Economic Disaster) को रोकने के लिए भाकपा(माले) ने केंद्र और राज्य सरकार के सामने ये प्रमुख मांगें रखी हैं:
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तत्काल मूल्य वृद्धि वापस हो: पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) के बढ़े हुए दामों को तुरंत रोलबैक (Rollback) किया जाए।
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अनियंत्रित मूल्य निर्धारण नीति का खात्मा: बाजार आधारित अनियंत्रित पेट्रोल-डीजल मूल्य निर्धारण की नीति (Market-driven pricing policy) को वापस लिया जाए।
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ईंधन की कीमतों का रेगुलेशन: लोगों की तकलीफों को कम करने के लिए सरकार को ईंधन की कीमतों को खुद विनियमित (Regulate) करना होगा ताकि आम आदमी को राहत मिल सके।









