
SECL Dress Code Update: कोल इंडिया और SECL प्रबंधन ने कर्मचारियों और व्यापारियों के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है। यूनिफॉर्म खरीद में फर्जीवाड़ा या गलत GST बिल जमा करने वालों पर अब कड़ी कार्रवाई होगी। कंपनी ने साफ चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में राशि वसूली, विभागीय कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर कानूनी केस भी दर्ज किया जा सकता है।
क्यों जारी किया गया नया सर्कुलर?
कोल इंडिया लिमिटेड को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ कर्मचारी Uniform Dress Code Scheme का फायदा उठाते हुए पूरी यूनिफॉर्म नहीं खरीद रहे हैं। कई लोग सिर्फ एक जोड़ी कपड़ा लेकर बाकी पैसे के लिए बढ़ा-चढ़ाकर या पूरी तरह फर्जी GST Bill जमा कर रहे थे। कुछ कर्मचारी तो बिना यूनिफॉर्म खरीदे ही नकली बिल से एडवांस राशि एडजस्ट करने की कोशिश कर रहे थे।
व्यापारियों की तरफ से भी शिकायतें आईं कि कुछ दुकानदार बिना माल दिए फर्जी GST बिल जारी कर रहे हैं। कंपनी ने इसे कंपनी के पैसे का दुरुपयोग और GST कानून का उल्लंघन मानते हुए सख्त रुख अपनाया है।
नए नियम और सख्त निर्देश
- कर्मचारियों को हर साल तीन या उससे ज्यादा जोड़ी यूनिफॉर्म खरीदने के लिए ₹12,500 तक की अग्रिम राशि दी जाती है।
- अब फर्जी, बढ़े हुए या उधार के बिल बिल्कुल स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
- गड़बड़ी पाए जाने पर पूरी राशि वसूल की जाएगी, डिपार्टमेंटल एक्शन होगा और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
- व्यापारियों/दुकानदारों को चेतावनी: बिना सामान सप्लाई किए फर्जी बिल जारी करने पर GST कानून के तहत कार्रवाई + ब्लैकलिस्टिंग हो सकती है।
SECL अब यूनिफॉर्म खरीदी और बिलों की सख्त जांच करेगी। जरूरत पड़ने पर Physical Verification, GST पोर्टल चेक और surprise inspection भी होगा।
1 जून 2026 से लागू होंगे संशोधित Dress Code नियम
मानकीकरण बैठक और Coal India के निर्देशों के बाद SECL में 1 जून से नया संशोधित Uniform Dress Code लागू हो रहा है। मुख्यालय ने सभी क्षेत्रों, उप-क्षेत्रों और विभागों को पहले ही सूचना दे दी है।
मुख्य बदलाव:
- यूनिफॉर्म GST बिल जमा करने की समय सीमा 1 महीने से बढ़ाकर 2 महीने कर दी गई है।
- सेवा अवधि 6 महीने से कम बचे होने पर 50% राशि देने का पुराना नियम खत्म।
- अब सभी कर्मचारियों को समान लाभ मिलेगा।
SECL Employees के लिए क्या करें?
- हमेशा तय मानकों के अनुसार ही यूनिफॉर्म खरीदें।
- सही और वैध GST बिल ही जमा करें।
- समय सीमा का पालन करें ताकि कोई परेशानी न हो।
यह बदलाव कंपनी में पारदर्शिता बढ़ाने और सही कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है। ज्यादा जानकारी के लिए अपने विभागीय अधिकारी या SECL मुख्यालय से संपर्क करें।









