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Chhattisgarh Weather Update: मौसम विभाग का भगवान भरोसे अलर्ट! रायपुर का Doppler Radar 4 महीने से बंद, सटीक बारिश-आंधी का पूर्वानुमान ठप

Raipur Doppler Radar Non-Functional: छत्तीसगढ़ में इन दिनों मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। थंडरस्टॉर्म, बेमौसम बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं लगातार हो रही हैं। प्री-मानसून गतिविधियां भी शुरू होने वाली हैं, लेकिन ठीक इसी संवेदनशील समय में प्रदेश का मुख्य Doppler Weather Radar पिछले 4 महीनों से बंद पड़ा है।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) परिसर में लगा रायपुर का Doppler Radar जनवरी के मध्य से पूरी तरह ठप है। मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर आखिरी Radar Image 14 जनवरी सुबह 8 बजे की अपलोड हुई थी। उसके बाद से कोई नई इमेज नहीं आई, जो साफ तौर पर इसके बंद होने की पुष्टि करती है।

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Radar बंद होने से क्यों हो रही है परेशानी?

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, Nowcast (अगले 4-6 घंटे का सटीक पूर्वानुमान) के लिए Doppler Radar सबसे जरूरी टूल है।

  • Satellite images 30,000 किलोमीटर दूर से ली जाती हैं।
  • जबकि Radar की रेंज सिर्फ 200-250 किलोमीटर होती है और यह clouds की ऊंचाई, intensity और movement का सटीक पता लगाता है।

Radar न होने के कारण विभाग को सिर्फ satellite pictures के भरोसे रहना पड़ रहा है। नतीजा? कई बार Heavy Rain Alert जारी किया जाता है, लेकिन लोगों को सिर्फ हल्की बौछारें ही मिल रही हैं। सटीक जानकारी न मिलने से किसान, आम नागरिक और प्रशासन को दिक्कत हो रही है।

रायपुर अकेला नहीं, Ranchi Radar भी ठप

रायपुर के साथ-साथ झारखंड का Ranchi Radar भी बंद पड़ा है। फिलहाल छत्तीसगढ़ को पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के Nagpur Radar और आंध्र प्रदेश के Visakhapatnam Radar पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

Nagpur Radar सिर्फ दुर्ग संभाग तक की आंशिक जानकारी दे पाता है, जबकि पूरे बस्तर, सरगुजा और रायगढ़ क्षेत्र ठीक से कवर नहीं हो पा रहे हैं। इससे पूरे प्रदेश का weather forecasting प्रभावित हो रहा है।

उपकरण की क्वालिटी पर सवाल

गौरतलब है कि लालपुर स्थित पुराने मौसम कार्यालय में जगह की कमी के चलते डेढ़ साल पहले ही इस नए Radar को IGKV परिसर में शिफ्ट किया गया था। केंद्र सरकार द्वारा खरीदे गए इस महंगे उपकरण के इतनी जल्दी खराब हो जाने पर अब उसकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं।

Station Director का रुख

जब इस गंभीर मुद्दे पर Raipur Meteorological Centre की Station Director श्रीमती सामंती सरकार से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका मोबाइल लगातार व्यस्त मिला। मैसेज भेजने के बावजूद कोई जवाब नहीं आया।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

एमएल साहू, Retired Deputy Director General, India Meteorological Department ने कहा: “रायपुर Radar का जनवरी से बंद होना बेहद चिंताजनक है। थंडरस्टॉर्म और प्री-मानसून सीजन में इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है ताकि लोगों को समय पर अलर्ट दिया जा सके। Nagpur या Visakhapatnam के Radar से छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति पूरी तरह कवर नहीं होती। तकनीकी खामी को तुरंत ठीक किया जाना चाहिए।”

Chhattisgarh Weather Radar की समस्या को जल्द से जल्द हल करने की जरूरत है, ताकि आगामी मानसून और प्री-मानसून में लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

क्या मौसम विभाग अब इस मुद्दे पर तुरंत एक्शन लेगा? जनता और किसान इसकी उम्मीद कर रहे हैं।

Dr. Tarachand Chandrakar

Editor-in-Chief

डॉ. ताराचंद चंद्राकर एक प्रखर विचारक और अनुभवी पत्रकार हैं, जो 'निडर छत्तीसगढ़' के माध्यम से निष्पक्ष और बेबाक पत्रकारिता को नई दिशा दे रहे हैं। तथ्यों की शुद्धता और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें डिजिटल पत्रकारिता में एक विश्वसनीय नाम बनाया है।

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