
जेल में बंद रिटायर आईएएस अफसर रामबिलास यादव की 20.36 करोड़ की संपत्तियां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कुर्क (अटैच कर ली हैं। इसमें सावधि जमा के साथ फ्लैट और भूखंड भी शामिल है।
जेल में बंद आईएएस अफसर रामबिलास यादव की 20.36 करोड़ की संपत्ति इन्वेस्टमेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने कुर्क (अटैच) कर ली है। इसमें पूर्णता जमा के साथ फ्लैट और प्लॉट भी शामिल है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी है। अधिकारी ने बताया कि संपत्ति से जुड़े मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के हिस्से के रूप में यादव के खिलाफ यह कारवाई हुई है। आय से अधिक संपत्ति मामले में विजिलेंस सेक्टर 2022 में यादव पर मामला दर्ज किया गया था।
आरोप है कि 1 जनवरी 2013 से 31 दिसंबर 2016 तक की अवधि में यादव ने आय के अज्ञात नेटवर्क से 78 लाख 51 हजार 777 रुपये कमाए। जबकि खर्च 21.40 करोड़ रुपये है। इसलिए, उन पर 20.61 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया है, जो उनके कानूनी आय के ज्ञात स्रोतों से 2,626 अधिक है।
यादव को जांच एजेंसी ने 19 मई को गिरफ्तार किया था। अब 18.33 करोड़ रुपये कीमत का एक फ्लैट, जमीन और उस पर निर्मित संरचना और लगभग 2.03 करोड़ रुपये की संपूर्णता जमा के रूप में चल रही संपत्ति को कुर्क करने के लिए यादव और उनके परिवार के सदस्यों के अधीन धनशोधन स्ट्राइक एक्ट (पीएमएलए) का नाम लिया गया। एक अनंतिम आदेश जारी किया गया है।
यूपी में सबसे ज्यादा समय बिताया
यादव का ज्यादातर कार्यकाल उत्तर प्रदेश में ही रहा है , वह 2017 में स्थानांतरित होकरदेहरादून आए और समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी भी सम्हाली। उस दौरान यूपी सरकार ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच की सिफारिश कर दी थी । जांच के बाद विजिलेंस दून सेक्टर में उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया। इसके बाद यादव बुलाने पर भी विजिलेंस के पास नहीं आए तो इसी साल उनको गिरफ्तार कर लिया गया। तब से वह जेल में बंद हैं।
यादव की इन संपत्तियों को किया गया है कुर्क
ईडी के अनुसार, कुर्क संपत्तियों में लखनऊ के गुडंबा में जनता विद्यालय स्थित एक घर, एक भवन परिसर और यूपी के गाजीपुर में स्वर्गीय रामकरण दादा मेमोरियल ट्रस्ट भी शामिल है। इन संपत्तियों की कीमत 20.36 करोड़ है। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला, आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति के आरोप में यादव पर अतीत में दर्ज उत्तराखंड के सतर्कता प्रतिष्ठान के केस से उपजा
देहरादून में अर्जित कीं है आठ संपत्तियां
यादव गत जून में सेवानिवृत्त हो गए थे। आरोप है कि सेवा अवधि में उन्होंने यहां भी संपत्तियां अर्जित कीं। ये संपत्तियां उनके रिश्तेदारों के नाम पर हैं। इनका विवरण भी मांगा गया था, लेकिन उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी थी। जांच के दौरान ईडी ने जेल में बंद यादव की रिमांड 19 मई को ली थी। इसके बाद ईडीने कई स्थानों पर ले जाकर से यादव से पूछताछ की थी।









