Jabalpur land Fraud Case : जबलपुर में इन 3 IAS ने फर्जी तरीके से बेची आदिवासियों की जमीन, भोले भाले आदिवासियों को लगा 500 करोड़ का चुना

Jabalpur land Fraud Case : मध्य प्रदेश के जबलपुर में आदिवासियों की करीब 500 करोड़ रुपये की जमीन फर्जी तरीके से बेची गई. इसका आरोप 3 IAS अफसरों पर लगा है. इनके खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया गया है
Jabalpur land Fraud Case : मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में IAS अधिकारियों द्वारा आदिवासियों की जमीं को फर्जी तरीके से बेचने का मामला सामने आया है l बताया जा रहा है 3 IAS अधिकारियों ने फर्जी तरीके से आदिवासियों की तक़रीबन 500 करोड़ रुपये की जमीन बेच दी है l ये सभी IAS अधिकारी वर्त्तमान में मलाईदार पदों पर तैनात हैं l मामला सामने आने के बाद तीनो IAS अफसरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है l इनके खिलाफ पद के दुरुपयोग करने का मामला दर्ज कर लिया गया है l
इन 3 IAS अधिकारियों पर मामला दर्ज
पुरे मामले में लोकायुक्त ने 3 IAS अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्जकर लिया है l इसमें आईएएस अफसर दीपक सिंह, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, बसंत कुर्रे शामिल हैं l इन अफसरों ने साल 2007 से 2012 के बीच जबलपुर जिले में पदस्थ रहते हुए आदिवासियों की जमीनों में हेरफेर कर फजी तरीके से जमीन का हस्तांतरण किया था , इस मामले में चारों अफसरों ने कानून के उल्लंघन के साथ-साथ पद का दुरुपयोग भी किया l इन अधिकारियो द्वारा मध्य प्रदेश लैंड रेवेन्यू कोड की धारा 165 का खुला उल्लंघन कर यह जमीनें बेची गयी l ज्यादातर जमीनों को एक परिवार के व्यक्तियों ने खरीदी है l
50 हेक्टेयर जमीनों में की गयी है हेरफेर
प्राप्त जानकारी के मुताबिक कुल 13 मामलों में तक़रीबन 50 हेक्टेयर से अधिक के जमीनों का हस्तांतरण गैर आदिवासियों के नाम किया गया था l मामले का खुलासा 2013 से 2015 के बीच हुआ था l 13 फरवरी 2023 को जांच रिपोर्ट लोकायुक्त को सौंपी गई l जिसमें इस पूरे कांड को एक सुनियोजित षडयंत्र और सामूहिक भ्रष्टाचार माना गया l
क्या है पूरा मामला?
पुरे मामले में लोकायुक्त की जांच के बाद पता चला कि 2007 से 2012 के बीच जबलपुर कटनी में IAS अफसरों ने आदिवासियों की जमीन को सामान्य वर्ग को बेचने की अनुमति दी थी l जो भू-राजस्व संहिता का उल्लंघन है l इस कारण अधिकारियों के खिलाफ पद का दुरुपयोग करने का मामला भी दर्ज किया गया है l लोकायुक्त पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है. जांच के बाद आगे की कार्रवाई के लिए निष्कर्ष अदालत में पेश करेगी l



















