जशपुर के अमर चौधरी 100 से ज्यादा बार रक्तदान पर सम्मानित

जशपुर के व्यवसायी और समाजसेवी अमर चौधरी को 100 से अधिक बार स्वैच्छिक रक्तदान के लिए सूर्यमंडल संगठन ने सम्मानित किया। उन्होंने युवाओं से साल में 2 बार रक्तदान की अपील की।
100 से अधिक बार रक्तदान, सूर्यमंडल संगठन ने किया सम्मान
जशपुर नगर के व्यवसायी और समाजसेवी अमर चौधरी को 100 से अधिक बार स्वैच्छिक रक्तदान करने के लिए सम्मानित किया गया है। शहर की सामाजिक संस्था सूर्यमंडल संगठन ने इसके लिए विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया।

जानकारी के अनुसार, चौधरी लंबे समय से रक्तदान के क्षेत्र में सक्रिय हैं। संगठन ने उनके इस योगदान को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
किन लोगों के लिए आगे रहे चौधरी?
जानकारी के अनुसार, अमर चौधरी कई वर्षों से लगातार रक्तदान करते आ रहे हैं। वे इन जरूरतमंदों के लिए रक्तदान में आगे रहे:

- थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चे
- गर्भवती महिलाएं
- सड़क हादसों में घायल लोग
- अन्य जरूरतमंद मरीज
100 बार रक्तदान का मतलब क्या है?
एक स्वस्थ व्यक्ति आमतौर पर साल में अधिकतम 4 बार रक्तदान कर सकता है। इस हिसाब से 100 बार रक्तदान के लिए करीब 25 वर्षों का निरंतर सिलसिला जरूरी होता है। यही वजह है कि इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
संगठन ने क्या कहा?
सूर्यमंडल संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि व्यस्त जीवन में जब लोग समाज के लिए समय नहीं निकाल पाते, तब चौधरी का यह कार्य युवाओं के लिए प्रेरणा है। उनके अनुसार, इस पहल से जशपुर के कई युवा रक्तदान के लिए आगे आए हैं और रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियां भी दूर हुई हैं।

सम्मान पर क्या बोले अमर चौधरी?
सम्मान मिलने पर चौधरी ने इसे हर उस रक्तदाता का सम्मान बताया, जो बिना स्वार्थ किसी अनजान की जान बचाता है। उन्होंने कहा कि जब तक वे स्वस्थ रहेंगे, रक्तदान करते रहेंगे और लोगों को इसके लिए जागरूक भी करेंगे।
युवाओं से अपील
चौधरी ने युवाओं से साल में कम से कम 2 बार रक्तदान करने की अपील की। रक्तदान की सुविधा और पात्रता से जुड़ी जानकारी के लिए नजदीकी ब्लड बैंक या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क किया जा सकता है।









