39 साल बाद रेप पीड़िता को मिला इंसाफ, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट पर उठाए सवाल

चार दशक के संघर्ष के बाद न्याय, सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
नई दिल्ली। इंसाफ की लड़ाई में एक महिला को 39 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने दोषी को जेल भेजने का आदेश दिया है। यह मामला 1986 में हुए बलात्कार से जुड़ा है, जिसमें पीड़िता नाबालिग थी। आरोपी को 1987 में ट्रायल कोर्ट ने दोषी करार दिया था, लेकिन 2013 में राजस्थान हाईकोर्ट ने उसे बरी कर दिया। अब 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को गलत ठहराया और आरोपी को चार हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है। 39 साल बाद रेप पीड़िता को मिला इंसाफ, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट पर उठाए सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर जताई नाराजगी
शीर्ष अदालत ने इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट के रवैये पर सख्त नाराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कई बार पीड़िता का नाम उजागर किया, जो कानूनी रूप से गलत है। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट द्वारा अपर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को बरी करने के तर्क को भी खारिज कर दिया। 39 साल बाद रेप पीड़िता को मिला इंसाफ, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट पर उठाए सवाल
पीड़िता के बयान पर सवाल उठाना गलत: सुप्रीम कोर्ट
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि नाबालिग पीड़िता का सदमे की वजह से चुप रहना आरोपी के पक्ष में नहीं गिना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि पूरी अभियोजन प्रक्रिया की जिम्मेदारी केवल पीड़िता पर नहीं डाली जा सकती। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई निंदात्मक बयान नहीं है, तो भी अन्य सबूतों के आधार पर दोषसिद्धि हो सकती है। 39 साल बाद रेप पीड़िता को मिला इंसाफ, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट पर उठाए सवाल
चार दशक तक न्याय की आस में संघर्ष
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को न्यायिक प्रणाली के लिए दुखद और चिंताजनक करार दिया। कोर्ट ने कहा, “यह बेहद दुखद है कि पीड़िता और उसके परिवार को न्याय के लिए लगभग चार दशक तक इंतजार करना पड़ा।” इस फैसले ने यह साबित कर दिया कि देर से सही, लेकिन न्याय जरूर मिलता है। 39 साल बाद रेप पीड़िता को मिला इंसाफ, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट पर उठाए सवाल
आरोपी को जेल जाने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को निर्देश दिया कि वह चार सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करे और ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई शेष सजा पूरी करे। इस ऐतिहासिक फैसले से देश की न्याय प्रणाली पर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है कि क्यों बलात्कार पीड़िताओं को न्याय मिलने में दशकों लग जाते हैं। 39 साल बाद रेप पीड़िता को मिला इंसाफ, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट पर उठाए सवाल



















