Raipur Water Crisis Alert: Indore के बाद अब Raipur में दूषित पानी का डर! नालों के बीच फंसी पाइपलाइन, क्या प्रशासन को है बड़ी त्रासदी का इंतज़ार?, मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस त्रासदी के बाद अब छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी खतरे की घंटी बजने लगी है। शहर के कई इलाकों में पीने के पानी की मेन पाइपलाइन गंदे नालों और कचरे के ढेर के बीच से होकर गुजर रही है। अगर समय रहते प्रशासन नहीं जागा, तो यहाँ भी इंदौर जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
500 करोड़ का ‘अमृत मिशन’ और धरातल की हकीकत
Raipur Water Crisis Alert:रायपुर नगर निगम ने शहरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ‘अमृत मिशन योजना’ के तहत लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। नई टंकियां बनीं और अंडरग्राउंड पाइपलाइन भी बिछाई गईं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। शहर के कई प्रमुख रास्तों पर पीने के पानी की मेन लाइन आज भी खुले नालों के भीतर आधी डूबी हुई है।
रायपुर के ये 4 ‘डेंजर जोन’ जहाँ मंडरा रहा है पीलिया का खतरा
Raipur Water Crisis Alert:शहर की पड़ताल में ऐसी कई जगहें सामने आई हैं जो किसी बड़े हादसे को न्यौता दे रही हैं:
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मौदहापारा केनाल रोड: यहाँ शहर का सबसे बड़ा नाला बहता है। इस नाले के ठीक बीच में पीने के पानी की मेन पाइपलाइन आधी डूबी हुई है और ऊपर कचरे का अंबार लगा है। जरा सा लीकेज यहाँ महामारी फैला सकता है।
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चौबे कॉलोनी: यहाँ तीन फीट चौड़े नाले के भीतर से पाइपलाइन निकाली गई है। बारिश के मौसम में जब नाला उफनता है, तो गंदा पानी सीधे पाइपलाइन के संपर्क में आता है।
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न्यू शांतिनगर: यहाँ पाइपलाइन के जॉइंट्स सीधे नाले की गंदगी के ऊपर हैं। नाला भरने की स्थिति में सीवरेज का पानी पाइप में घुसने का पूरा खतरा बना रहता है।
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कांशीराम नगर: यहाँ करीब छह फीट चौड़े ड्रेनेज नाले के भीतर सबसे मोटी पाइपलाइन बिछाई गई है। हाल ही में यहाँ पाइप फटने की घटना भी सामने आई थी।
पुराना सबक: जब पीलिया ने ली थी कई जानें
Raipur Water Crisis Alert:रायपुर के डीडी नगर क्षेत्र में करीब 10-15 साल पहले ड्रेनेज की गंदगी पीने के पानी में मिल गई थी। उस समय दर्जनों लोग पीलिया और उल्टी-दस्त के शिकार हुए थे और 4 से 5 लोगों की मौत हो गई थी। लाभांडी क्षेत्र में भी पिछले साल दूषित पानी के कारण बोरवेल को सील करना पड़ा था। बावजूद इसके, प्रशासन की सुस्ती बरकरार है।
मोहल्लों में बिछा है पाइपों का ‘जाल’
Raipur Water Crisis Alert:कॉलोनियों और तंग गलियों में लोहे की पाइपलाइन नालियों के भीतर से जालों की तरह निकली हैं। लोहे की पाइप होने के कारण इनमें जंग जल्दी लगता है, जिससे लीकेज की संभावना बढ़ जाती है। नगर निगम के दावों के विपरीत, कई वार्डों में आज भी लोग असुरक्षित तरीके से बिछी लाइनों से पानी पीने को मजबूर हैं।
नगर निगम का पक्ष: ‘चुनौती बड़ी है’
Raipur Water Crisis Alert:इस गंभीर मुद्दे पर नगर निगम के अपर आयुक्त (जल विभाग) कृष्णा खटीक का कहना है कि शहर में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने स्वीकार किया कि नालों से पाइपलाइन निकालना एक बड़ी चुनौती है और इसके लिए कार्ययोजना बनाकर काम किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्टर प्लांट में नियमित जांच की जाती है और लीकेज की सूचना मिलते ही कार्रवाई की जाती है।
क्या है बचाव का रास्ता?
Raipur Water Crisis Alert:जानकारों का मानना है कि जब तक नालों के भीतर से पाइपलाइन को शिफ्ट नहीं किया जाता, तब तक दूषित पानी का खतरा टल नहीं सकता। जनता को भी सलाह दी जाती है कि यदि नल से आने वाले पानी के रंग या गंध में बदलाव दिखे, तो तुरंत इसकी शिकायत निगम में करें और पानी उबालकर ही पिएं।