
Ambikapur Bribe Case: भ्रष्टाचार के खिलाफ अंबिकापुर की विशेष अदालत (Special Court) ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. 10 हजार रुपये की रिश्वत लेना एक राजस्व निरीक्षक (Revenue Inspector – RI) को इतना भारी पड़ा कि अब उसे 4 साल तक जेल की सलाखों के पीछे रहना होगा.
Ambikapur Bribe Case: Special Judge Mamta Patel ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाए गए आरोपी आरआई को कठोर कारावास (Rigorous Imprisonment) की सजा सुनाई है.
क्या था पूरा मामला? (The Incident Recap)
Ambikapur Bribe Case: यह मामला साल 2020 का है. अंबिकापुर के कृष्णानगर की रहने वाली अर्चना खाखा ने अपने पति द्वारा खरीदी गई जमीन का नक्शा कटवाने और राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त (Record Correction) करवाने के लिए आवेदन किया था.
Ambikapur Bribe Case: इस काम के बदले तत्कालीन राजस्व निरीक्षक राजबहादुर सिंह ने उनसे 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी. महिला ने रिश्वत देने के बजाय भ्रष्ट अधिकारी को सबक सिखाने की ठानी और इसकी शिकायत Anti-Corruption Bureau (ACB) में कर दी.
ACB का बिछाया जाल और ‘रंगे हाथों’ गिरफ्तारी
Ambikapur Bribe Case: शिकायत मिलने के बाद ACB अंबिकापुर की टीम ने जाल बिछाया:
Demand: आरआई ने साफ कह दिया था कि वह 10 हजार से एक रुपया भी कम नहीं लेगा.
The Advance: महिला ने पहले आरोपी को 2,000 रुपये दिए.
The Trap: 7 अगस्त 2020 को जैसे ही अर्चना खाखा ने बाकी के 8,000 रुपये आरोपी आरआई को उसके निवास (फुन्दुरडिहारी) पर दिए, पहले से तैयार ACB की टीम ने उसे रंगे हाथों (Red-Handed) गिरफ्तार कर लिया.
5 साल बाद आया कोर्ट का फैसला (The Final Verdict)
Ambikapur Bribe Case: इस केस की सुनवाई अंबिकापुर के भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम न्यायालय में चली. अभियोजन पक्ष ने मजबूत सबूत और गवाह पेश किए, जिसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी राजबहादुर सिंह को दोषी पाया.
सजा (Sentence): 4 वर्ष का कठोर कारावास (Rigorous Imprisonment).
कानूनी कार्रवाई: कोर्ट ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सरकारी अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश जारी किया है.
भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी जीत
Ambikapur Bribe Case: अंबिकापुर का यह फैसला उन लोगों के लिए मिसाल है जो सरकारी काम के बदले गरीब जनता से पैसे वसूलते हैं. प्रशासन और न्यायालय ने यह साफ कर दिया है कि ‘रिश्वतखोरों के लिए सिस्टम में कोई जगह नहीं है.’



















