Balodabazar Paddy Procurement: बिचौलियों पर चला प्रशासन का हंटर, 9057 क्विंटल अवैध धान जब्त; किसानों में खुशी की लहर

Balodabazar Paddy Procurement: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान खरीदी का महाभियान 30 जनवरी 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। Collector Deepak Soni के मार्गदर्शन में चले इस ढाई महीने के मिशन में न केवल रिकॉर्ड खरीदी हुई, बल्कि illegal paddy (अवैध धान) खपाने वाले बिचौलियों पर भी कड़ा प्रहार किया गया।
9057 क्विंटल अवैध धान जब्त, 210 प्रकरण दर्ज
Balodabazar Paddy Procurement: प्रशासन ने इस बार ‘Satark App’ के जरिए real-time monitoring की, जिससे गड़बड़ी करने वालों की खैर नहीं रही। खाद्य अधिकारी पुनीत वर्मा के अनुसार, कोचियों और बिचौलियों (middlemen) पर पैनी नजर रखी गई।
कुल 210 मामले दर्ज किए गए।
9057 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया।
थोक विक्रेताओं और राइस मिलों का फिजिकल वेरिफिकेशन भी किया गया ताकि अवैध धान खपाने की कोई गुंजाइश न रहे।
Balodabazar Paddy Procurement: किसानों को मिला ₹1679 करोड़ का भुगतान
Balodabazar Paddy Procurement: जिले में इस साल किसानों के चेहरे पर मुस्कान है। प्रशासन की ओर से समय पर भुगतान (Timely Payment) सुनिश्चित किया गया है:
कुल पंजीकृत किसान: 1,67,121
धान बेचने वाले किसान: 1,57,367 (लगभग 94.14%)
कुल खरीदी: 7,91,000 मीट्रिक टन धान।
कुल भुगतान: ₹1,679 करोड़ सीधे किसानों के खाते में।
प्रशासन की मुस्तैदी: 166 केंद्रों पर सुचारू व्यवस्था
Balodabazar Paddy Procurement: Collector Deepak Soni ने बताया कि जिले के 166 धान उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, पीने का पानी और बारदानों की पुख्ता व्यवस्था की गई थी। इसके साथ ही ‘रकबा समर्पण अभियान’ के तहत 1,35,569 किसानों ने अपनी इच्छा से 10,813 हेक्टेयर रकबा सरेंडर किया, जो प्रशासन के प्रति उनके भरोसे को दर्शाता है।
उठाव (Lifting) की स्थिति
Balodabazar Paddy Procurement: धान खरीदी के साथ-साथ मिलिंग के लिए धान का उठाव भी तेजी से किया जा रहा है। अब तक 2,79,255 मीट्रिक टन धान का उठाव केंद्रों से हो चुका है, जिससे भंडारण की समस्या नहीं हुई।
बेहतरीन काम करने वाले सम्मानित
Balodabazar Paddy Procurement: कलेक्टर सोनी ने इस मिशन को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा करने के लिए मैदानी कर्मचारियों, नोडल अधिकारियों और ऑपरेटर्स की सराहना की। उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित कर उनका मनोबल भी बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी असली किसान को धान बेचने में कोई दिक्कत न आए।



















