प्रधानमंत्री पशु लोन योजना के नाम पर 46 लाख की ठगी, बैंक फील्ड ऑफिसर और महिला स्टाफ गिरफ्तार
धमधा पुलिस ने किया गिरोह का पर्दाफाश, कई और खातों से हुई धोखाधड़ी की आशंका

धमधा : प्रधानमंत्री पशु लोन योजना के नाम पर 46 लाख की ठगी, बैंक फील्ड ऑफिसर और महिला स्टाफ गिरफ्तार. धमधा पुलिस ने प्रधानमंत्री पशु लोन योजना के नाम पर ग्रामीणों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में एचडीएफसी बैंक धमधा के फील्ड ऑफिसर विकास सोनी और उसकी सहयोगी महिला स्टाफ मधु पटेल को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों पर आरोप है कि उन्होंने ग्रामीणों को दूध डेयरी और बीमा योजना के नाम पर कम ब्याज दरों पर सब्सिडी वाला लोन दिलाने का झांसा देकर करीब 46 लाख रुपये की ठगी की है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने बताया कि ग्राम घोटा निवासी चंद्रिका पटेल ने 24 मई 2024 को इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चंद्रिका पटेल ने अपनी शिकायत में बताया कि परसकोल निवासी मधु पटेल ने बैंक कर्मचारी विकास सोनी के साथ मिलकर ग्रामीणों को प्रधानमंत्री पशु लोन योजना के तहत 10-10 लाख रुपये का लोन दिलाने का लालच दिया। उन्हें बताया गया कि इस योजना में 40 प्रतिशत सब्सिडी और बेहद कम ब्याज दर पर लोन मिलेगा।प्रधानमंत्री पशु लोन योजना के नाम पर 46 लाख की ठगी
ग्रामीणों का विश्वास जीतने के बाद, आरोपियों ने सिक्योरिटी के नाम पर उनसे तीन-तीन चेकों पर हस्ताक्षर करवाए और बैंक में उनके नाम से खाते खुलवाए। इसके बाद, उन्होंने इन्हीं हस्ताक्षरित चेकों का दुरुपयोग कर खातों से लाखों रुपये निकाल लिए। यह राशि बाद में अपने और अपने करीबी रिश्तेदारों व परिचितों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई।प्रधानमंत्री पशु लोन योजना के नाम पर 46 लाख की ठगी
धमधा टीआई युवराज साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक की जांच में 26 खाताधारकों से कुल 45 लाख 92 हजार 250 रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने ग्रामीणों से पहले ही 10 प्रतिशत कमीशन के नाम पर एक बड़ी राशि वसूल ली थी, जिसके बाद उनके खातों से भी रकम निकाल ली गई।प्रधानमंत्री पशु लोन योजना के नाम पर 46 लाख की ठगी
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 34 (सामान्य इरादा) और 120 (बी) (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज किया है। एएसपी अभिषेक झा ने बताया कि इस धोखाधड़ी में बैंक के ब्रांच मैनेजर और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अभी और भी धोखाधड़ी के मामले सामने आ सकते हैं, जिसकी जांच जारी है।प्रधानमंत्री पशु लोन योजना के नाम पर 46 लाख की ठगी
इस घटना के बाद से ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री पशु लोन योजना को लेकर संशय का माहौल है। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी योजना के झांसे में आने से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करें और किसी भी प्रकार के संदिग्ध लेन-देन से बचें।प्रधानमंत्री पशु लोन योजना के नाम पर 46 लाख की ठगी



















