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खूबसूरती या खतरा? बस्तर के झरनों में जानलेवा हुआ सेल्फी का क्रेज, इन जगहों पर हो चुकी हैं कई मौतें

खूबसूरती या खतरा? बस्तर के झरनों में जानलेवा हुआ सेल्फी का क्रेज, इन जगहों पर हो चुकी हैं कई मौतें

मुख्य बातें:

  • मानसून में बस्तर के झरने पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, लेकिन सेल्फी और रील्स का जुनून जानलेवा साबित हो रहा है।

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  • चित्रकोट, तीरथगढ़ और तामड़ा घूमर जैसे प्रसिद्ध जलप्रपातों में परफेक्ट शॉट के चक्कर में कई पर्यटक अपनी जान गंवा चुके हैं।

  • अधिकांश पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी, प्रशासन की लापरवाही भी बन रही हादसों का कारण।

बस्तर/जगदलपुर: खूबसूरती या खतरा? बस्तर के झरनों में जानलेवा हुआ सेल्फी का क्रेज, मानसून की फुहारों के साथ छत्तीसगढ़ का बस्तर अंचल किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता। हरे-भरे पहाड़, घने जंगल और अपने पूरे वेग से बहते झरने पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। लेकिन इस मनमोहक सुंदरता के पीछे एक स्याह सच भी छिपा है – सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज बटोरने का जानलेवा जुनून। एक परफेक्ट सेल्फी या रील बनाने की होड़ में लोग अपनी जान तक दांव पर लगा रहे हैं।

लाइक, कमेंट, शेयर… और मौत!

आज के डिजिटल युग में हर कोई अपने यादगार पलों को सोशल मीडिया पर साझा करना चाहता है। बस्तर के मनमोहक झरनों के बीच तस्वीरें लेना स्वाभाविक है, लेकिन समस्या तब शुरू होती है, जब यह शौक जुनून में बदल जाता है। खतरनाक चट्टानों पर चढ़ना, फिसलन भरे किनारों पर जाना, या तेज बहाव के बीच खड़े होकर रील बनाना, यह सब अब आम हो गया है। इसी ‘परफेक्ट मोमेंट’ की तलाश हर साल कई परिवारों को जिंदगी भर का दुख दे जाती है।खूबसूरती या खतरा? बस्तर के झरनों में जानलेवा हुआ सेल्फी का क्रेज

सुरक्षा भगवान भरोसे, प्रशासन मौन

बस्तर के प्रमुख जलप्रपात जैसे चित्रकोट, तीरथगढ़, तामड़ा घूमर और मेंदरी घूमर में हर साल लाखों पर्यटक आते हैं। दुख की बात है कि इनमें से अधिकांश स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम आज भी नदारद हैं। न तो खतरनाक जगहों पर मजबूत रेलिंग हैं, न ही स्पष्ट चेतावनी वाले बोर्ड। पहले भी कई जानें जा चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की नींद टूटती नहीं दिख रही।खूबसूरती या खतरा? बस्तर के झरनों में जानलेवा हुआ सेल्फी का क्रेज

बस्तर के ये झरने बन रहे हैं ‘डेथ पॉइंट’

  • तीरथगढ़ जलप्रपात: कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित यह 300 फीट ऊंचा झरना बेहद खूबसूरत है, लेकिन उतना ही खतरनाक भी। यहां लगभग हर साल हादसे होते हैं। हाल ही में विशाखापट्टनम के एक युवक की यहां गिरकर मौत हो गई थी।

  • चित्रकोट जलप्रपात: ‘छत्तीसगढ़ का नियाग्रा’ कहे जाने वाले इस झरने की खूबसूरती के साथ-साथ इसका रौद्र रूप भी है। सुरक्षा मानकों की कमी के कारण यह जगह ‘सुसाइड पॉइंट’ के तौर पर भी बदनाम हो चुकी है।

  • तामड़ा घूमर जलप्रपात: घने जंगलों के बीच स्थित यह झरना 100 मीटर ऊंची खाई के पास है। यहां न कोई रेलिंग है, न चेतावनी बोर्ड, जिसके चलते यहां पहले भी कई पर्यटक गिरकर जान गंवा चुके हैं।

इनके अलावा चित्रधारा, शिवगंगा, और कांगेरधारा जैसे कई मौसमी झरने भी हैं, जहां भीड़ तो उमड़ती है, लेकिन सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं होता।खूबसूरती या खतरा? बस्तर के झरनों में जानलेवा हुआ सेल्फी का क्रेज

क्या एक ‘लाइक’ आपकी जान से बढ़कर है?

सवाल यह उठता है कि क्या सोशल मीडिया पर मिलने वाली कुछ पलों की वाहवाही के लिए अपनी जिंदगी को दांव पर लगाना सही है? एक तस्वीर या रील पर मिलने वाले ‘लाइक्स’ की कीमत जान से बढ़कर नहीं हो सकती। बस्तर की वादियां आपको जीवन भर की यादें दे सकती हैं, लेकिन ये तभी तक खूबसूरत हैं जब तक आप सुरक्षित लौटते हैं। अगली बार जब आप किसी झरने के किनारे खड़े हों, तो कैमरे का बटन दबाने से पहले एक बार जरूर सोचें।खूबसूरती या खतरा? बस्तर के झरनों में जानलेवा हुआ सेल्फी का क्रेज

Nidar Chhattisgarh Desk

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