
नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना (CKS) के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल को बड़ी राहत देने से इनकार कर दिया है। जैन मुनि पर की गई कथित टिप्पणी के मामले में अग्रिम जमानत के लिए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने बघेल को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने न केवल उनकी याचिका खारिज कर दी, बल्कि स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें अपनी जुबान पर लगाम रखनी चाहिए थी।
‘पूरे देश की सैर का आनंद लीजिए’
24 नवंबर को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने अमित बघेल के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में दर्ज एफआईआर (FIR) को लेकर तल्ख टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा, “चूंकि आपके खिलाफ 12 अलग-अलग राज्यों में मामले दर्ज हैं, इसलिए पुलिस आपको उन सभी राज्यों में ले जाएगी। आप पूरे देश की सैर का आनंद लीजिए।”कहा- ‘जुबान पर रखें लगाम’, 12 राज्यों में दर्ज मुकदमों का करना होगा सामना
अदालत ने स्पष्ट संकेत दिया कि वह इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी। कोर्ट ने कहा कि जहां-जहां एफआईआर दर्ज हुई है, आरोपी को वहां की कानूनी प्रक्रिया का सामना करना ही होगा।कहा- ‘जुबान पर रखें लगाम’, 12 राज्यों में दर्ज मुकदमों का करना होगा सामना
वकील की दलील- ‘बयान गुस्से में दिया था’
सुनवाई के दौरान अमित बघेल के वकील ने बचाव पक्ष रखते हुए दलील दी कि उनके मुवक्किल द्वारा दिया गया बयान स्वीकार्य नहीं था, लेकिन यह बयान गुस्से में दिया गया था। वकील ने कोर्ट से कहा कि बघेल का इरादा किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करना नहीं था।कहा- ‘जुबान पर रखें लगाम’, 12 राज्यों में दर्ज मुकदमों का करना होगा सामना
बचाव पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट से यह भी मांग की कि चूंकि छत्तीसगढ़ में पहले से ही 5 एफआईआर दर्ज हैं, इसलिए अन्य राज्यों के मामलों को भी वहीं क्लब (ट्रांसफर) कर दिया जाए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को मानने से साफ इनकार कर दिया। पीठ ने कहा, “आप अपनी जुबान संभालकर रखें। हम इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेंगे और आपको हर राज्य में दर्ज एफआईआर के तहत प्रक्रिया का सामना करना होगा।”कहा- ‘जुबान पर रखें लगाम’, 12 राज्यों में दर्ज मुकदमों का करना होगा सामना
26 दिनों से फरार हैं अमित बघेल
गौरतलब है कि अमित बघेल पिछले 26 दिनों से फरार चल रहे हैं। उनके विवादित बयान के बाद देश भर के विभिन्न राज्यों में उनके खिलाफ आक्रोश देखा गया और करीब 12 राज्यों में एफआईआर दर्ज कराई गई। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका लगाई थी, जिसे अब खारिज कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के इस रुख के बाद अब बघेल की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।कहा- ‘जुबान पर रखें लगाम’, 12 राज्यों में दर्ज मुकदमों का करना होगा सामना



















