स्वतंत्रता दिवस पर बड़ी चूक: BJP नेता ने शांति के प्रतीक सफेद कबूतर की जगह उड़ाया काला कबूतर, वीडियो वायरल होने पर छिड़ा विवाद

कवर्धा। स्वतंत्रता दिवस पर बड़ी चूक: BJP नेता ने शांति के प्रतीक सफेद कबूतर की जगह उड़ाया काला कबूतर, वीडियो वायरल होने पर छिड़ा विवाद, देश भर में जहां 77वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न धूमधाम से मनाया गया, वहीं छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले का एक समारोह गलत कारणों से सुर्खियों में आ गया है। यहां एक भाजपा नेता ने शांति और सौहार्द के प्रतीक सफेद कबूतर की जगह काला कबूतर उड़ा दिया, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद अब उन पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
मामला कवर्धा जिले के ग्राम पंचायत गुढ़ा के एक स्कूल का है, जहां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य एवं सभापति व भाजपा नेता वीरेन्द्र साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। ध्वजारोहण के बाद परंपरा के अनुसार, शांति का संदेश देने के लिए कबूतर उड़ाने की रस्म निभाई गई। लेकिन इसी दौरान वीरेन्द्र साहू ने सफेद कबूतर की बजाय एक काला कबूतर आसमान में छोड़ दिया।स्वतंत्रता दिवस पर बड़ी चूक: BJP नेता ने शांति के प्रतीक सफेद कबूतर की जगह उड़ाया काला कबूतर
खुद पोस्ट किया वीडियो, अब हो रहा वायरल
हैरानी की बात यह है कि इस पूरे कार्यक्रम का वीडियो खुद भाजपा नेता वीरेन्द्र साहू ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया था। वीडियो के सामने आते ही यह तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। सोशल मीडिया यूजर्स और स्थानीय लोग इस घटना की आलोचना कर रहे हैं।स्वतंत्रता दिवस पर बड़ी चूक: BJP नेता ने शांति के प्रतीक सफेद कबूतर की जगह उड़ाया काला कबूतर
क्यों हो रहा है विवाद?
दरअसल, स्वतंत्रता दिवस और अन्य शांति समारोहों पर सदियों से सफेद कबूतर उड़ाने की परंपरा रही है। सफेद रंग और सफेद कबूतर को शांति, भाईचारे, सौहार्द और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। इसके विपरीत, काले कबूतर को अक्सर नकारात्मकता, शोक, संघर्ष और अशुभता से जोड़कर देखा जाता है। यही वजह है कि स्वतंत्रता के पावन अवसर पर काले कबूतर का उड़ाया जाना लोगों को अखर रहा है और इसे एक बड़ी चूक माना जा रहा है।स्वतंत्रता दिवस पर बड़ी चूक: BJP नेता ने शांति के प्रतीक सफेद कबूतर की जगह उड़ाया काला कबूतर
नेता ने दी अपनी सफाई
मामले पर विवाद बढ़ता देख भाजपा नेता वीरेन्द्र साहू ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने कहा, “मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। कार्यक्रम के दौरान मुझे जो कबूतर उड़ाने के लिए दिया गया था, मैंने उसे ही आसमान में छोड़ा है।” उनके इस बयान से यह स्पष्ट है कि वे इस गलती के लिए आयोजकों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।स्वतंत्रता दिवस पर बड़ी चूक: BJP नेता ने शांति के प्रतीक सफेद कबूतर की जगह उड़ाया काला कबूतर
बहरहाल, यह घटना अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। जहां एक ओर इसे अनजाने में हुई भूल बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे राष्ट्रीय पर्व के अपमान के तौर पर भी देखा जा रहा है।स्वतंत्रता दिवस पर बड़ी चूक: BJP नेता ने शांति के प्रतीक सफेद कबूतर की जगह उड़ाया काला कबूतर



















