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Baiga Awas Yojana Scam: 17 आदिवासियों का पक्का घर बनाने का सपना टूटा, ₹21.50 लाख के गबन में ठेकेदार गिरफ्तार!

17 बैगा आदिवासियों के आवास के नाम पर ₹21.50 लाख का गबन। ठेकेदार छोटूराम गिरफ्तार, तकनीकी सहायक फरार। जानिए कुकरापानी ग्राम पंचायत के इस बड़े घोटाले की पूरी कहानी।

Tribal Housing Fraud News: वनांचल क्षेत्रों में भ्रष्टाचार की एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सबको चौंका दिया है। कुकरापानी ग्राम पंचायत में 17 बैगा आदिवासियों के सिर पर छत नसीब नहीं हो सकी, क्योंकि उनके आवास के लिए आए 21.50 लाख रुपये डकार लिए गए। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक सरकारी कर्मचारी अभी भी फरार है।Baiga Awas Yojana Scam

क्या है पूरा मामला? (The Big Housing Scam)

Baiga Awas Yojana Scam: यह पूरा मामला वनांचल कुकरापानी ग्राम पंचायत का है। ‘ट्रायबल एवं बैगा आवास योजना’ के तहत 17 गरीब परिवारों के लिए पक्के मकान स्वीकृत हुए थे। 30 अक्टूबर 2024 को पंचायत के खाते में ₹21.50 लाख की भारी-भरकम राशि ट्रांसफर की गई थी।

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Baiga Awas Yojana Scam: लेकिन अफसोस, जिन बैगा आदिवासियों को पक्के घर की उम्मीद थी, उनका सपना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। ठेकेदार छोटूराम चंद्रवंशी और पंचायत के तकनीकी सहायक (Technical Assistant) पवन चंद्रवंशी ने मिलकर इस पूरी रकम का गबन कर लिया।

पैसे निकाले पर काम शुरू ही नहीं हुआ

Baiga Awas Yojana Scam: सचिव सिद्धराम मसराम की शिकायत के अनुसार, जनपद पंचायत बोड़ला से सूचना मिलने के बाद सरपंच और सचिव ने बैंक जाकर पूरी राशि निकाल ली और आरोपियों को सौंप दी। उम्मीद थी कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा, लेकिन आज तक जमीन पर एक ईंट भी नहीं रखी गई।

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Police Investigation में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने इस सरकारी पैसे को अपने निजी स्वार्थ के लिए इस्तेमाल किया।

Contractor गिरफ्तार, सरकारी कर्मचारी फरार

Baiga Awas Yojana Scam: तरेगांव जंगल थाना पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ठेकेदार छोटूराम चंद्रवंशी (47) को धर दबोचा है। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने आवास निर्माण के लिए जो ईंट, सीमेंट और छड़ खरीदी थी, उसे बैगा आवास के बजाय अपने दूसरे ठेकेदारी के कामों में लगा दिया।

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वहीं, इस मामले का दूसरा मास्टरमाइंड तकनीकी सहायक पवन चंद्रवंशी फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही है।

लगीं गंभीर धाराएं (Legal Action & Sections)

Baiga Awas Yojana Scam: पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। दर्ज FIR में ये धाराएं शामिल हैं:

  • भारतीय न्याय संहिता (BNS): धारा 318(4), 316(5), और 3(5)।

  • SC/ST Act: अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(2)(व)।

चूंकि आरोपी पवन चंद्रवंशी एक Government Servant है, इसलिए उस पर और भी कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

ग्रामीणों में भारी आक्रोश

Baiga Awas Yojana Scam: इस धोखाधड़ी से बैगा परिवारों को गहरा आर्थिक और सामाजिक नुकसान पहुंचा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंचने से पहले ही बिचौलिए उसे खा रहे हैं। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि दोषियों को कड़ी सजा मिले और उनके घरों का निर्माण जल्द से जल्द शुरू कराया जाए।

Dr. Tarachand Chandrakar

Editor-in-Chief

डॉ. ताराचंद चंद्राकर एक प्रखर विचारक और अनुभवी पत्रकार हैं, जो 'निडर छत्तीसगढ़' के माध्यम से निष्पक्ष और बेबाक पत्रकारिता को नई दिशा दे रहे हैं। तथ्यों की शुद्धता और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें डिजिटल पत्रकारिता में एक विश्वसनीय नाम बनाया है।

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