जगदलपुर में जमीन खरीदना हुआ मुश्किल: गाइडलाइन दरों में 100% तक की भारी बढ़ोतरी, रियल एस्टेट कारोबार पर गहराया संकट
Land Rate Hike: 7 साल बाद बदले रेट से आम आदमी को झटका; भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का विरोध, जानें आपके इलाके में अब क्या है जमीन की कीमत

जगदलपुर |
बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में अपना घर बनाने का सपना देख रहे आम लोगों को तगड़ा झटका लगा है। जिला प्रशासन ने शहर और जिले में जमीनों की नई गाइडलाइन दरें (Guideline Rates) जारी कर दी हैं। नए नियमों के मुताबिक, जमीनों की सरकारी कीमत में 70 से 100 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी की गई है।
बीते सात सालों से दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था, लेकिन अब अचानक हुई इस दोगुनी वृद्धि ने न केवल आम जनता की जेब पर बोझ डाला है, बल्कि रियल एस्टेट कारोबार को भी ‘महासंकट’ में डाल दिया है।गाइडलाइन दरों में 100% तक की भारी बढ़ोतरी, रियल एस्टेट कारोबार पर गहराया संकट
बाजार भाव और सरकारी रेट बराबर करने की दलील
अचानक हुई इस वृद्धि पर उप-पंजीयक अधिकारी नरेंद्र सिंह नाग ने सफाई दी है। उनका कहना है कि यह बदलाव बाजार मूल्य और सरकारी दरों में असमानता को दूर करने के लिए किया गया है। पिछले कई वर्षों से मार्केट रेट सरकारी गाइडलाइन से काफी ज्यादा था। साथ ही, प्रति वर्गमीटर और हेक्टेयर दरों को व्यावहारिक बनाने का प्रयास किया गया है।गाइडलाइन दरों में 100% तक की भारी बढ़ोतरी, रियल एस्टेट कारोबार पर गहराया संकट
हालांकि, जमीन खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों का कहना है कि यह फैसला उन्हें बर्बादी की कगार पर ले जाएगा। इससे सरकार का राजस्व तो बढ़ेगा, लेकिन यह पैसा सीधे आम जनता की जेब से निकलेगा।गाइडलाइन दरों में 100% तक की भारी बढ़ोतरी, रियल एस्टेट कारोबार पर गहराया संकट
शहर के प्रमुख इलाकों में जमीनों के नए रेट (प्रति वर्ग मीटर)
नई सूची के अनुसार, शहर के सबसे महंगे इलाकों में जमीन की कीमत 80,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच गई है।
सदर स्कूल से एमएलबी कुशल फर्नीचर तक: पहले ₹52,700 -> अब ₹80,000
चांदनी चौक, शहीद पार्क से एसपी ऑफिस तक: पहले ₹33,100 -> अब ₹60,000
गीदम रोड (नारायण गोयल मकान से फारेस्ट नाका): पहले ₹23,400 -> अब ₹40,000
माता संतोषी वार्ड (मुख्य मार्ग): पहले ₹15,400 -> अब ₹25,000
चांदनी चौक से कमिश्नर ऑफिस: पहले ₹33,100 -> अब ₹40,000
रजिस्ट्री शुल्क में 5 गुना तक का उछाल
गाइडलाइन दर बढ़ने का सीधा असर रजिस्ट्री के खर्च पर पड़ेगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी क्षेत्र में गाइडलाइन दर के हिसाब से पहले 1000 वर्गफीट जमीन की रजिस्ट्री पर 1.05 लाख रुपये का टैक्स लगता था, तो दरें बढ़ने के बाद अब यह खर्च बढ़कर 5.25 लाख रुपये तक हो सकता है।गाइडलाइन दरों में 100% तक की भारी बढ़ोतरी, रियल एस्टेट कारोबार पर गहराया संकट
नियमों में भी हुआ बदलाव: 20 मीटर तक ‘मेन रोड’
प्रशासन ने मुख्य सड़क की परिभाषा भी तय कर दी है:
शहरी क्षेत्र: मुख्य मार्ग से 20 मीटर अंदर तक की जमीन को ‘मेन रोड’ से लगी हुई माना जाएगा और उसी दर से पैसा लगेगा।
ग्रामीण क्षेत्र: मुख्य मार्ग से 50 मीटर अंदर तक की जमीन मेन रोड रेट पर मिलेगी।
मुख्य मार्ग से अंदर स्थित व्यावसायिक या औद्योगिक संपत्ति पर 25% अतिरिक्त मूल्य वृद्धि लागू होगी।
विरोध की आग: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का घेराव
जमीन की कीमतें बढ़ने से नाराज रियल एस्टेट कारोबारियों और स्टांप वेंडरों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखने लगा है। आक्रोश इतना ज्यादा है कि हाल ही में दुर्ग के एक कार्यक्रम में पहुंचे जगदलपुर विधायक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव के काफिले को जमीन कारोबारियों ने घेर लिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कार्यकर्ता और कारोबारी आपस में भिड़ते नजर आए। प्रदेश भर में सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की जा रही है।गाइडलाइन दरों में 100% तक की भारी बढ़ोतरी, रियल एस्टेट कारोबार पर गहराया संकट



















