चक्रवात मुरासु: छत्तीसगढ़ में 4 नवंबर तक भारी बारिश का अलर्ट, किसान सतर्क

बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवात मुरासु के असर से छत्तीसगढ़ में 3 और 4 नवंबर को भारी से अति भारी बारिश का अनुमान है। धान किसानों और दिवाली बाजार पर असर संभव।
चक्रवात मुरासु का असर: छत्तीसगढ़ में 4 नवंबर तक बारिश का अनुमान
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हो रहे नए चक्रवाती सिस्टम ‘मुरासु’ का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 2 नवंबर को दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी संभव है।

इसके बाद 3 और 4 नवंबर को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का अनुमान है। चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से प्रदेश अभी पूरी तरह उबरा भी नहीं था कि यह नया सिस्टम बन रहा है। प्रशासन ने संबंधित जिलों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
कहां है मुरासु और कहां टकराएगा?
मौसम विभाग के मुताबिक यह प्रणाली पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में 2 नवंबर से सक्रिय हो रही है। इसके तेजी से मजबूत होकर चक्रवाती तूफान और फिर प्रचंड चक्रवाती तूफान में बदलने का अनुमान है।

- संभावित लैंडफॉल: 3 नवंबर 2026 की सुबह, दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट पर नेल्लोर और नरसापुर के बीच
- हवा की रफ्तार: 100 से 110 किमी प्रति घंटा
- तेज झोंके: 120 किमी प्रति घंटा तक
अभी तूफान कितनी दूरी पर है?
विभाग के ताजा आकलन में सिस्टम की स्थिति इस तरह बताई गई है:
- चेन्नई से करीब 630 किमी
- विशाखापत्तनम, नेल्लोर और मछलीपट्टनम से लगभग 710 किमी
- ओंगोल से करीब 750 किमी
तूफान की स्थिति और रफ्तार लगातार बदल सकती है, इसलिए ताजा बुलेटिन देखते रहना जरूरी है।

धान किसानों की चिंता क्यों बढ़ी?
प्रदेश में इस समय धान की पछेती और मध्यम अवधि की फसल पककर तैयार है। कई इलाकों में कटाई शुरू हो चुकी है। पिछले 24 घंटों की बारिश से कई क्षेत्रों में धान के पौधे खेतों में बिछ गए हैं।
तेज बारिश और हवा की स्थिति में खेतों में खड़ी और कटी फसल को नुकसान का खतरा रहता है। किसानों के लिए कटी फसल को सुरक्षित जगह रखना अहम होगा।
दिवाली बाजार पर क्या पड़ेगा असर?
रायपुर समेत प्रदेश के प्रमुख बाजारों में दिवाली, धनतेरस और भाईदूज की तैयारियां चल रही हैं। मिट्टी के दीये, सजावटी सामान, फूल-माला और पटाखों की दुकानें अक्सर सड़क किनारे खुले में लगती हैं। अचानक बारिश से इन छोटे व्यापारियों को नुकसान हो सकता है।
आगे क्या होगा?
मुरासु के लैंडफॉल के बाद उसके रास्ते और छत्तीसगढ़ पर असर को लेकर मौसम विभाग के नए अपडेट आने बाकी हैं। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि किन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश होगी। लोगों को सलाह है कि वे IMD और जिला प्रशासन की सूचनाओं पर ही भरोसा करें।









