LIVE UPDATE
स्वास्थ्य

CG Health Crisis: 3 करोड़ की आबादी और सिर्फ 35,000 बेड, क्या राम भरोसे है छत्तीसगढ़ का हेल्थ सिस्टम?

CG Health Crisis: Chhattisgarh Health Infrastructure Reality Check: छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं (Healthcare facilities) को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। प्रदेश की आबादी 3 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी है, लेकिन जब बात इलाज की आती है, तो सरकारी और प्राइवेट दोनों मिलाकर महज 35,000 बेड ही उपलब्ध हैं।

CG Health Crisis: आइए जानते हैं आखिर क्यों छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों (Govt Hospitals) में एक बेड पर दो मरीजों का इलाज करने की नौबत आ गई है।

WhatsApp Group Join Now
Facebook Page Follow Now
YouTube Channel Subscribe Now
Telegram Group Follow Now
Instagram Follow Now
Dailyhunt Join Now
Google News Follow Us!

WHO के मानकों से कोसों दूर है छत्तीसगढ़ (The Reality Check)

CG Health Crisis: World Health Organization (WHO) के अनुसार, प्रति 1,000 की आबादी पर 3 बेड और 1 डॉक्टर होना अनिवार्य है। इस हिसाब से छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनसंख्या के लिए कम से कम 90,000 बेड की जरूरत है।

लेकिन हकीकत इसके उलट है:

  • Total Available Beds: मात्र 35,000 (जरूरत का सिर्फ 38.88%)

  • Govt Beds: केवल 9,610 (कुल बेड का महज 25%)

  • Private Sector Share: लगभग 75% बेड निजी अस्पतालों के भरोसे हैं।

आंबेडकर अस्पताल का हाल: क्षमता 700, मरीज 1300+

CG Health Crisis: राजधानी रायपुर के सबसे बड़े Dr. BR Ambedkar Memorial Hospital की स्थिति सबसे गंभीर है। यहाँ 700 बेड का सेटअप है, लेकिन वर्कलोड इतना ज्यादा है कि 1300 से ज्यादा मरीजों को भर्ती करना पड़ता है। इसका सीधा असर Doctor-Patient Ratio और नर्सिंग स्टाफ की परफॉर्मेंस पर पड़ता है। कई बार तो हाईकोर्ट ने भी एक बेड पर दो मरीजों के इलाज को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है।

Medical Colleges में डॉक्टरों की भारी कमी (Shortage of Faculty)

CG Health Crisis: प्रदेश के 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी एक बड़ा सिरदर्द है। डेटा के मुताबिक, कुल 2660 स्वीकृत पदों में से 1290 पद खाली पड़े हैं।

पदवार रिक्तियों का ब्यौरा (Vacant Positions):

पद (Post)स्वीकृत (Sanctioned)खाली (Vacant)प्रतिशत (%)
प्रोफेसर24111748.5%
एसोसिएट प्रोफेसर39919649.1%
असिस्टेंट प्रोफेसर64433251.6%
सीनियर रेसीडेंट51837572.3%

क्या 5 नए मेडिकल कॉलेजों से सुधरेगी स्थिति?

CG Health Crisis: छत्तीसगढ़ सरकार इस साल कवर्धा, मनेंद्रगढ़, जांजगीर-चांपा, गीदम और जशपुर में 5 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी में है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब मौजूदा कॉलेजों में ही 50% पद खाली हैं, तो नए कॉलेजों के लिए फैकल्टी (Anatomy, Physiology, Bio-chemistry) कहाँ से आएगी?

विशेषज्ञों की कमी से बढ़ा ‘Referral Culture’

CG Health Crisis: दुर्ग, बिलासपुर और अंबिकापुर को छोड़ दें, तो बाकी जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों (Specialists) का टोटा है। न तो पर्याप्त गायनेकोलॉजिस्ट (Gynecologists) हैं और न ही जनरल सर्जन। नतीजा यह होता है कि सामान्य केस को भी रायपुर रेफर कर दिया जाता है, जिससे राजधानी के अस्पतालों पर दबाव और बढ़ जाता है।

स्वास्थ्य मंत्री का बयान (Official Statement)

CG Health Crisis: प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने आश्वासन दिया है कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर काम कर रही है। उन्होंने कहा:

“हाईकोर्ट के संज्ञान के बाद हम बेड की संख्या बढ़ा रहे हैं। PSC के माध्यम से 125 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। 5 नए मेडिकल कॉलेज खुलने से इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर होगा।”


 आगे की राह

CG Health Crisis: छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सिर्फ बिल्डिंग बनाना काफी नहीं है, बल्कि खाली पदों को भरना और ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाएं (Basic Amenities) पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती है।

Dr. Tarachand Chandrakar

देश में तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार वेबसाइट है। जो हिंदी न्यूज साइटों में सबसे अधिक विश्वसनीय, प्रमाणिक और निष्पक्ष समाचार अपने पाठक वर्ग तक पहुंचाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP Radio
WP Radio
OFFLINE LIVE