CG School Holiday: School Holiday in Chhattisgarh: उत्तर छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड और भीषण शीतलहर को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरगुजा और बलरामपुर जिले के कलेक्टरों ने प्राथमिक कक्षाओं के लिए स्कूलों में छुट्टियों की घोषणा कर दी है। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान गिरकर 3.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
सरगुजा जिले में 10 जनवरी तक छुट्टी, समय में भी बदलाव
CG School Holiday: सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने छात्रहित में निर्णय लेते हुए कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए 10 जनवरी तक अवकाश घोषित किया है। छोटे बच्चों को सुबह की भीषण ठंड से बचाने के लिए यह आदेश जारी किया गया है।
CG School Holiday: इसके साथ ही, अन्य कक्षाओं (कक्षा 6वीं से 12वीं) के लिए स्कूल के समय में आंशिक संशोधन किया गया है:
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दो पालियों वाले स्कूल: प्रथम पाली सुबह 9:30 से 12:30 बजे तक और द्वितीय पाली दोपहर 12:30 से शाम 4:00 बजे तक संचालित होगी।
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एक पाली वाले स्कूल: सोमवार से शुक्रवार सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक लगेंगे। शनिवार को इनका समय सुबह 9:30 से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा।
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स्टाफ के लिए निर्देश: विद्यार्थियों की छुट्टी के बावजूद शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को निर्धारित समय पर स्कूल में उपस्थित रहना होगा।
बलरामपुर में भी बढ़ी छुट्टियां
CG School Holiday: पड़ोसी जिले बलरामपुर में भी ठंड के तेवर कड़े हैं। यहाँ कलेक्टर ने पहले 6 जनवरी तक की छुट्टी घोषित की थी, जिसे अब बढ़ाकर 8 जनवरी कर दिया गया है। यह आदेश कक्षा 1 से 5वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू होगा।
अंबिकापुर में 3.8 डिग्री तापमान, शीतलहर का अलर्ट
CG School Holiday: मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर दिशा से आ रही शुष्क और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में पारा 3 डिग्री तक लुढ़क गया है। मैनपाट और सामारी पाट जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ओस की बूंदें जमने लगी हैं (Ground Frost)। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए घने कोहरे और शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है।
पशुपालकों के लिए विशेष सलाह: ऐसे बचाएं अपने मवेशी
CG School Holiday: भीषण ठंड का असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पशुओं पर भी पड़ रहा है। पशु चिकित्सा विशेषज्ञों ने पशुपालकों को कुछ जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है:
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ताजा पानी: पशुओं को बासी या बहुत ठंडा पानी न पिलाएं, इससे वे बीमार हो सकते हैं।
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सुरक्षित शेड: रात में पशुओं को खुले में न छोड़ें। शेड की खिड़कियों और दरवाजों पर टाट या बोरी के पर्दे लगाएं।
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सूखा बिछावन: फर्श पर नमी न होने दें। पुआल या भूसा बिछाएं ताकि पशुओं को जमीन की ठंड न लगे।
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पौष्टिक आहार: ठंड से लड़ने के लिए पशुओं को अधिक ऊर्जा वाला दाना और मिनरल मिक्सचर दें। बछड़ों और बीमार पशुओं को जूट की बोरी या कंबल से ढंकें।