CG Weather Year Ender 2025: छत्तीसगढ़ में मौसम का ‘अजीब’ खेल, गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड तो बारिश ने किया हैरान, पढ़ें सालभर की रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ में मौसम का ‘अजीब’ खेल, गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड तो बारिश ने किया हैरान, साल 2025 छत्तीसगढ़ के मौसम के लिहाज से काफी उथल-पुथल भरा रहा। इस साल मौसम का मिजाज सामान्य पैटर्न से पूरी तरह हटकर नजर आया। साल की शुरुआत में जहां ठंड जल्दी विदा हो गई, वहीं फरवरी खत्म होते-होते गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए। कभी बेहिसाब गर्मी तो कभी अनिश्चित बारिश ने पूरे साल प्रदेशवासियों को परेशान रखा।
आइये जानते हैं साल 2025 में छत्तीसगढ़ का मौसम कैसा रहा और इसने जनजीवन पर क्या असर डाला।छत्तीसगढ़ में मौसम का ‘अजीब’ खेल, गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड तो बारिश ने किया हैरान
साल की शुरुआत: गायब रही ठंड, फरवरी में ही छूट गए पसीने
साल 2025 की शुरुआत में ठंड का असर बेहद कम समय के लिए रहा। जनवरी और फरवरी में ही तापमान सामान्य से ऊपर जाने लगा। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।छत्तीसगढ़ में मौसम का ‘अजीब’ खेल, गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड तो बारिश ने किया हैरान
रबी फसलों पर असर: ठंड कम पड़ने और उसकी अवधि घटने से रबी की फसलों को नुकसान हुआ, क्योंकि उन्हें पकने के लिए जिस ठंडे वातावरण की जरूरत थी, वह नहीं मिल सका।
होली पर गर्मी: 13 मार्च को होली के आसपास भी गर्मी का एहसास रहा। राजधानी रायपुर और दुर्ग जैसे शहरों में अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री के बीच बना रहा।
मार्च से मई: 45 डिग्री पहुंचा पारा, लू के थपेड़ों ने किया बेहाल
मार्च से मई 2025 के बीच गर्मी ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। अप्रैल और मई महीने में प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया।छत्तीसगढ़ में मौसम का ‘अजीब’ खेल, गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड तो बारिश ने किया हैरान
जनजीवन प्रभावित: भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के कारण दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
बिजली-पानी का संकट: एसी-कूलर के लगातार चलने से बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची। वहीं, जल स्रोतों के सूखने से कई इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया।
स्कूलों का समय बदला: बच्चों की सेहत को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव करना पड़ा और कई जगहों पर हीट स्ट्रोक के मरीज अस्पतालों में बढ़ गए।
मानसून 2025: 15 दिन पहले आया, लेकिन तेवर रहे तीखे
साल 2025 में मानसून ने छत्तीसगढ़ में समय से पहले दस्तक दी। 28 मई को मानसून ने एंट्री ली और 16 अक्टूबर तक सक्रिय रहा। हालांकि, बारिश का पैटर्न बहुत असमान रहा।छत्तीसगढ़ में मौसम का ‘अजीब’ खेल, गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड तो बारिश ने किया हैरान
कुल बारिश: इस सीजन में प्रदेश में 1191.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 4% अधिक थी।
बाढ़ और सूखा एक साथ: अगस्त में भारी बारिश से जहां नदियों में बाढ़ आ गई, वहीं जुलाई में कुछ इलाकों में सूखे जैसे हालात रहे। इस अनियमितता का असर धान की खेती पर पड़ा। जहां बारिश अच्छी हुई वहां पैदावार बढ़ी, लेकिन जलभराव वाले इलाकों में फसलें खराब हुईं।
पिछले 10 सालों में मानसून का रिपोर्ट कार्ड
छत्तीसगढ़ में पिछले एक दशक में मानसून की स्थिति कुछ इस प्रकार रही:
2024: 1231.7 मिमी (+8% अधिक)
2023: 1059.01 मिमी (-7% कम)
2022: 1287 मिमी (+13% अधिक)
2021: 1113 मिमी (-3% कम)
2020: 1250.5 मिमी (+9% अधिक)
2019: 1281 मिमी (+12% अधिक)
2018: 1130.5 मिमी (-1% कम)
2017: 1068.7 मिमी (-6% कम)
2016: 1191.8 मिमी (+4% अधिक)
2015: 1048.5 मिमी (-8% कम)
अक्टूबर-दिसंबर: जाते-जाते भी रुलाया मौसम ने
मानसून की विदाई के बाद अक्टूबर और नवंबर में उमस भरी गर्मी (Sticky Heat) ने लोगों को परेशान किया। वातावरण में नमी बनी रहने के कारण खरीफ फसलों की कटाई में देरी हुई।छत्तीसगढ़ में मौसम का ‘अजीब’ खेल, गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड तो बारिश ने किया हैरान
वहीं, दिसंबर 2025 में ठंड ने काफी देर से दस्तक दी। दिन में धूप तेज रही और केवल रात व सुबह के समय ही हल्की ठंड महसूस की गई। गर्म कपड़ों की जरूरत कम ही महसूस हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम का यह बदलता स्वरूप क्लाइमेट चेंज (Climate Change) का स्पष्ट संकेत है।छत्तीसगढ़ में मौसम का ‘अजीब’ खेल, गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड तो बारिश ने किया हैरान



















