
Chhattisgarh School Books News: CG School Education Update: छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा को लेकर एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। शिक्षा सत्र 2026-27 से कक्षा 1 से 8वीं तक के छात्रों के लिए पाठ्यपुस्तकों का स्वरूप पूरी तरह बदलने वाला है। छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम ने स्पष्ट किया है कि आगामी सत्र के लिए किताबों का मुद्रण नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और NCERT के कड़े मानकों के आधार पर किया जाएगा।
NCERT मानकों के अनुसार होगी किताबों की क्वालिटी
Chhattisgarh School Books News: छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अनुसार, अब कक्षा 1 से 8वीं तक की किताबों में 80 GSM (ग्राम प्रति वर्ग मीटर) के उच्च गुणवत्ता वाले कागज का उपयोग होगा। वहीं, कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए 70 GSM के कागज का इस्तेमाल किया जा रहा है। किताबों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उनके कवर पेज पर 220 GSM के मोटे कागज का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला NCERT और SCERT के बीच हुए अनुबंध के तहत लिया गया है ताकि बच्चों को बेहतरीन प्रिंटिंग क्वालिटी वाली किताबें मिल सकें।
विषयों की संख्या में बढ़ोतरी: अब 134 नहीं, 144 विषयों की होगी पढ़ाई
Chhattisgarh School Books News: नई शिक्षा नीति के लागू होने के बाद विषयों के पाठ्यक्रम में भी विस्तार किया गया है। निगम के अधिकारियों ने बताया कि पहले जहां 134 विषयों की किताबें छपती थीं, वहीं आगामी सत्र 2026-27 में 144 विषयों की पुस्तकों का मुद्रण किया जाएगा। विशेष रूप से कक्षा 4 और कक्षा 7 में विषयों की संख्या बढ़ाई गई है। विषयों की संख्या बढ़ने से कागज की मांग भी बढ़ी है, लेकिन निगम का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से योजनाबद्ध है।
क्या भारी हो जाएगा बच्चों के बस्ते का बोझ?
Chhattisgarh School Books News: अभिभावकों के मन में एक बड़ी चिंता बस्ते के वजन को लेकर है। सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों को निगम ने सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि कागज की क्वालिटी बदलने से बस्ते का वजन 14 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा।
निगम का स्पष्टीकरण:
बस्ते का वजन केवल कागज की मोटाई (GSM) पर नहीं, बल्कि पाठ्यक्रम की संरचना पर निर्भर करता है।
डिजिटल लर्निंग टूल्स और वर्षवार वितरण प्रणाली के माध्यम से बस्ते के वजन को नियंत्रित किया जा रहा है।
निगम ने अपील की है कि अभिभावक और शिक्षक भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें।
पारदर्शिता के साथ होगी छपाई और कागज की खरीदी
Chhattisgarh School Books News: किताबों की छपाई में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो, इसके लिए निगम ने निविदा (Tender) प्रक्रिया को बेहद सख्त कर दिया है।
कागज आपूर्ति करने वाली कंपनियों के लिए GST क्लीयरेंस सर्टिफिकेट अनिवार्य है।
केवल अनुभवी कंपनियों को ही टेंडर प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है, जिन्होंने कम से कम 42,000 मीट्रिक टन कागज की आपूर्ति की हो।
इस पूरी प्रक्रिया में वित्त विभाग, आदिवासी विकास विभाग और लोक शिक्षण संचालनालय के प्रतिनिधि भी निगरानी कर रहे हैं।
कागज की खपत और डेटा
Chhattisgarh School Books News: पिछले शिक्षा सत्र (2025-26) में लगभग 2.65 करोड़ मुफ्त पाठ्यपुस्तकों के लिए 11,000 मीट्रिक टन कागज का उपयोग किया गया था। अनुमान है कि आगामी सत्र (2026-27) में भी लगभग इतनी ही मात्रा में कागज की आवश्यकता होगी। निगम का कहना है कि कागज की कीमतों या खपत में किसी भी तरह की ‘असामान्य वृद्धि’ की बातें तथ्यहीन हैं।



















