कटघोरा: जलजीवन मिशन में ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत, भारी भ्रष्टाचार का खुलासा

जलजीवन मिशन में ठेकेदार की मनमानी से सड़कों का बुरा हाल
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना, जलजीवन मिशन, का उद्देश्य गाँव-गाँव में स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। लेकिन कटघोरा के पास ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत के चलते इस योजना में भारी भ्रष्टाचार सामने आ रहा है। ठेकेदार BTL कंपनी ने नियमों की अनदेखी करते हुए सड़क के दोनों कॉलर को खोद डाला है। कटघोरा: जलजीवन मिशन में ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत, भारी भ्रष्टाचार का खुलासा
सड़क के नियमों की उड़ाई धज्जियां
कटघोरा से पसान स्टेट हाईवे पर जलजीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। हालांकि, नियमों के अनुसार सड़क के सेंटर से 12 मीटर तक खुदाई नहीं होनी चाहिए, लेकिन BTL कंपनी ने सड़क के दोनों कॉलर को भी खोद दिया। यह अनियमितता न केवल सड़कों को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि ग्रामीणों के लिए भी परेशानी खड़ी कर रही है। कटघोरा: जलजीवन मिशन में ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत, भारी भ्रष्टाचार का खुलासा
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों पर ठेकेदार से कमीशन लेने के आरोप
सूत्रों के अनुसार, ठेकेदार की मनमानी के पीछे पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की मिलीभगत भी है। ठेकेदार से मोटी कमीशन लेकर ये अधिकारी कार्यस्थल का निरीक्षण नहीं कर रहे हैं, जिससे ठेकेदार अपने मनमाने तरीके से काम कर रहा है। कटघोरा: जलजीवन मिशन में ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत, भारी भ्रष्टाचार का खुलासा
फॉरेस्ट लैंड पर भी जारी है ठेकेदार की अवैध खुदाई
केवल सड़कें ही नहीं, बल्कि ग्राम डूमरमुड़ा में फॉरेस्ट लैंड में भी अवैध खुदाई जारी है। यहां ठेकेदार ने जेसीबी मशीन से खुदाई की है, लेकिन फॉरेस्ट विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से यह काम धड़ल्ले से चल रहा है। कटघोरा: जलजीवन मिशन में ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत, भारी भ्रष्टाचार का खुलासा
भ्रष्टाचार से जलजीवन मिशन को हो रहा है नुकसान
जलजीवन मिशन में व्याप्त भ्रष्टाचार से इस योजना का सही क्रियान्वयन बाधित हो रहा है। जिला प्रशासन से इस तरह के भ्रष्टाचार पर सख्त जांच की मांग की जा रही है ताकि योजना का लाभ सही से जनता तक पहुंच सके। कटघोरा: जलजीवन मिशन में ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत, भारी भ्रष्टाचार का खुलासा









