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कांकेर: जेल में कांग्रेस नेता की मौत पर गहराया विवाद, परिजनों ने शव लेने से किया इनकार, आदिवासी समाज ने बुलाई महापंचायत

बिना सूचना जेल शिफ्टिंग और इलाज में लापरवाही का आरोप; कलेक्ट्रेट घेराव की तैयारी में समाज, पीसीसी चीफ दीपक बैज भी पहुंच सकते हैं कांकेर।

कांकेर:छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में कांग्रेस नेता और चारामा के पूर्व जनपद अध्यक्ष जीवन ठाकुर की न्यायिक हिरासत में हुई मौत के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। जेल प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाते हुए परिजनों ने रायपुर के मेकाहारा अस्पताल (Mekahara Hospital) से शव लेने से इनकार कर दिया है। इस घटना ने अब सामाजिक और राजनीतिक रंग ले लिया है, जिसके चलते आदिवासी समाज ने एक बड़ी बैठक बुलाई है।

लापरवाही का आरोप और परिजनों का आक्रोश
मृतक कांग्रेस नेता के परिजनों का गुस्सा जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर फूटा है। उनका आरोप है कि जीवन ठाकुर को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। 2 दिसंबर को बिना परिजनों को सूचित किए उन्हें कांकेर जेल से रायपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि इस दौरान हुई लापरवाही और समय पर इलाज न मिलने के कारण उनकी मौत हुई है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जब तक न्याय नहीं मिलता, वे शव स्वीकार नहीं करेंगे।परिजनों ने शव लेने से किया इनकार, आदिवासी समाज ने बुलाई महापंचायत

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आदिवासी समाज का कलेक्ट्रेट कूच का अल्टीमेटम
कांग्रेस नेता की मौत से आदिवासी समाज में भारी रोष व्याप्त है। समाज के प्रमुख लोगों ने इस मामले में तत्काल एक बड़ी बैठक बुलाई है। सूत्रों के अनुसार, भारी भीड़ के साथ समाज के लोग कांकेर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन कर सकते हैं। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है।परिजनों ने शव लेने से किया इनकार, आदिवासी समाज ने बुलाई महापंचायत

क्या है पूरा मामला?
जीवन ठाकुर चारामा जनपद के पूर्व अध्यक्ष थे और कांग्रेस के सक्रिय नेता माने जाते थे। वे ‘वन अधिकार पट्टा घोटाले’ के आरोपों के चलते साल 2024 से जेल में बंद थे।परिजनों ने शव लेने से किया इनकार, आदिवासी समाज ने बुलाई महापंचायत

  • जेल प्रशासन का पक्ष: जेल अधिकारियों के अनुसार, कैदी की तबीयत अचानक बिगड़ने के कारण उन्हें तत्काल इलाज के लिए रायपुर शिफ्ट किया गया था, जहाँ अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

  • परिजनों का पक्ष: परिजनों ने जेल प्रशासन के दावे को खारिज करते हुए इसे ‘सुनियोजित लापरवाही’ करार दिया है। उनका सवाल है कि बिना सूचना दिए शिफ्टिंग क्यों की गई और तबीयत बिगड़ने की जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई?

गरमाया सियासी माहौल, जांच की मांग
इस घटना के बाद प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने सरकार और जेल प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है।

  • दीपक बैज का दौरा: खबर है कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष (PCC Chief) दीपक बैज मृतक नेता के परिजनों से मिलने और सांत्वना देने के लिए कांकेर पहुंच सकते हैं।

  • न्यायिक जांच की मांग: कांग्रेस नेताओं ने इस पूरी घटना की न्यायिक जांच की मांग करने की तैयारी कर ली है, ताकि मौत के सही कारणों का खुलासा हो सके और दोषियों पर कार्रवाई की जा सके।

फिलहाल, मृतक जीवन ठाकुर का शव रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में रखा गया है और कांकेर में प्रशासन व समाज के बीच गतिरोध बना हुआ हपरिजनों ने शव लेने से किया इनकार, आदिवासी समाज ने बुलाई महापंचायत

Pooja Chandrakar

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