दुर्ग नगर निगम में भ्रष्टाचार का विवाद: निविदा प्रक्रिया में घोटाले के आरोप, जानिए पूरी कहानी

दुर्ग: दुर्ग नगर पालिक निगम में प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारियों का कार्यकाल रहा है, लेकिन आयुक्त इन्द्रजीत बर्मन और आयुक्त हरेश मंडावी की कार्यशैली अब भी चर्चा में है। दोनों अधिकारियों के कार्यकाल में निगम कर्मचारियों को बिना किसी राजनैतिक हस्तक्षेप के कार्य करने का अवसर मिला। ठगड़ा बांध क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पहल और शंकर नाला जैसी परियोजनाओं को बिना बिचौलियों के सीधे निविदा प्रक्रिया के तहत पूरा करने में भी इनका योगदान रहा। दुर्ग नगर निगम में भ्रष्टाचार का विवाद: निविदा प्रक्रिया में घोटाले के आरोप, जानिए पूरी कहानी
ठगड़ा बांध और शंकर नाला सफाई जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स
ठगड़ा बांध को पर्यटन स्थल बनाने के दौरान निगम ने बर्मन और मंडावी के नेतृत्व में बिना किसी भ्रष्टाचार के बड़े स्तर पर कार्य किया। हालांकि, यह प्रोजेक्ट बाद में राजनेताओं के श्रेय लेने का कारण बन गया। दुर्ग नगर निगम में भ्रष्टाचार का विवाद: निविदा प्रक्रिया में घोटाले के आरोप, जानिए पूरी कहानी
2013 बैच के अधिकारी सुमित अग्रवाल की नियुक्ति से नई उम्मीदें
दुर्ग निगम में 2013 बैच के नए आयुक्त सुमित अग्रवाल की नियुक्ति ने उन अधिकारियों में नई ऊर्जा भर दी है, जो अपने कार्य के प्रति समर्पित हैं। निगम के ईई (कार्यकारी अभियंता) मोहन पूरी गोस्वामी भी 2013 बैच के अधिकारियों के अधीन पहले से काम कर चुके हैं, जिससे इस बार एक अनुभवी टीम का गठन हुआ है। दुर्ग नगर निगम में भ्रष्टाचार का विवाद: निविदा प्रक्रिया में घोटाले के आरोप, जानिए पूरी कहानी
ईई मोहन पूरी गोस्वामी पर अनियमितताओं के आरोप
ईई मोहन पूरी गोस्वामी के पिछले कार्यकाल में विवादित परियोजनाओं का संचालन और विधायक निधि से बनाए प्रतीक्षालयों की अनियमितताएं उनके विवादित इतिहास की एक झलक प्रस्तुत करती हैं। 2018 के सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के दौरान प्रतीक्षालयों का निर्माण और फिर टूटने से सरकारी खजाने का भारी नुकसान हुआ। वहीं, कोरोना काल में राशन वितरण और अन्य खर्चों में भी पारदर्शिता का अभाव नजर आया। दुर्ग नगर निगम में भ्रष्टाचार का विवाद: निविदा प्रक्रिया में घोटाले के आरोप, जानिए पूरी कहानी
निविदा विवाद: ठेकेदारों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
2024 में दुर्ग निगम में निविदा प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायत कलेक्टर और सामान्य सभा में ठेकेदारों ने की। निविदा प्रक्रिया में ईई गोस्वामी की भूमिका पर सवाल उठाए गए, जिसमें विधायक के दामाद और निगम के सब-इंजीनियर का नाम भी जुड़ा। भ्रष्टाचार के इस आरोप के बाद निविदा को निरस्त करने का निर्णय लिया गया। दुर्ग नगर निगम में भ्रष्टाचार का विवाद: निविदा प्रक्रिया में घोटाले के आरोप, जानिए पूरी कहानी



















