देवरीखुर्द PHC में डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर बिलासपुर कलेक्टर सख्त, जांच के आदेश

बिलासपुर के देवरीखुर्द प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की अनुपस्थिति की खबर पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने CMHO को तुरंत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
बिलासपुर के देवरीखुर्द PHC में डॉक्टरों की गैरहाजिरी पर कलेक्टर ने लिया संज्ञान
बिलासपुर जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवरीखुर्द में डॉक्टरों की अनुपस्थिति की खबर सामने आने के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इसे गंभीरता से लिया है। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को निर्देश दिया है कि इस मामले की तत्काल जांच कर उन्हें रिपोर्ट सौंपी जाए।

दरअसल 31 अगस्त को यह खबर सामने आई थी कि देवरीखुर्द स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर मौजूद नहीं थे, जिसके चलते इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को काफी देर इंतजार करना पड़ा। यह मामला मीडिया में प्रमुखता से उठने के बाद प्रशासन हरकत में आया।
कलेक्टर के संज्ञान लेते ही स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण भी मांगा है।

क्या है पूरा मामला?
- 31 अगस्त को देवरीखुर्द PHC में डॉक्टरों की अनुपस्थिति की खबर प्रकाशित हुई थी।
- मरीजों को इलाज के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा था।
- खबर सामने आने के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने खुद इस पर संज्ञान लिया।
- CMHO को जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
- प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्टीकरण मांगा है।
कलेक्टर ने क्यों दिखाई सख्ती?
कलेक्टर अग्रवाल ने साफ कहा है कि सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों व स्टाफ की समय पर मौजूदगी सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिकता में शामिल है। मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिले, इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह पहला मौका नहीं है जब बिलासपुर कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सख्त रुख अपनाया हो। इससे पहले भी उन्होंने जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में तय समय-सारणी के पालन और ओपीडी के दौरान चिकित्सकों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।

जांच में लापरवाही पाई गई तो क्या होगा?
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यदि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अभी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत होना बाकी है, इसलिए दोषियों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
आगे क्या होगा?
CMHO की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि उस दिन वास्तव में क्या स्थिति थी और किसकी जिम्मेदारी बनती है। रिपोर्ट सामने आने तक इस मामले में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करना होगा।









