
रायगढ़ के घरघोड़ा में मोटरसाइकिल और मोबाइल चोरी के मामले में पुलिस ने फरार आरोपी को गिरफ्तार किया, जो सोशल मीडिया पर यूट्यूब चैनल भी चलाता था।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत चलाई जा रही मुहिम में एक और वाहन चोरी के मामले को सुलझाने में सफलता हासिल की है। घरघोड़ा थाना पुलिस ने मोटरसाइकिल और मोबाइल चोरी की घटना में शामिल एक आरोपी को करीब दो महीने की फरारी के बाद गिरफ्तार कर लिया है।

खास बात यह रही कि यह आरोपी सोशल मीडिया पर सक्रिय एक यूट्यूब चैनल भी चलाता था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस की सक्रिय मुखबिर व्यवस्था और लगातार निगरानी से वह बच नहीं सका। पुलिस ने उसे उसके ही गांव से 1 सितंबर 2026 को हिरासत में लेकर विधिवत गिरफ्तार किया।
इससे पहले मामले में शामिल एक अन्य निगरानी बदमाश को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चोरी का सामान बरामद कर चुकी थी।

क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, लैलूंगा थाना क्षेत्र के फुलीकुण्डा निवासी 37 वर्षीय बसंत राठिया ने 23 जुलाई 2026 को घरघोड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार:
- घटना 29 जून 2026 की है, जब बसंत खाद खरीदने घरघोड़ा आए थे।
- उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल (क्रमांक CG-13-UA-3703) घरघोड़ा में एक स्थानीय निवासी के घर के सामने खड़ी की थी।
- बाइक के हैंडल में टंगे झोले में उनका रेडमी मोबाइल फोन रखा हुआ था।
- कुछ देर बाद लौटने पर मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन दोनों गायब मिले।
शिकायत पर घरघोड़ा थाने में बीएनएस की धारा 303(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

मुखबिर की सूचना पर पहला आरोपी गिरफ्तार
थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में पुलिस ने क्षेत्र में मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। इसी दौरान सूचना मिली कि क्षेत्र का एक निगरानी बदमाश चोरी की मोटरसाइकिल के साथ घूम रहा है।
पुलिस टीम ने घरघोड़ा-लैलूंगा मुख्य मार्ग पर स्थित शनि मंदिर के पास घेराबंदी कर 34 वर्षीय आरोपी को पकड़ा। पूछताछ में उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल और करीब ₹20,000 कीमत का रेडमी मोबाइल फोन बरामद कर लिया।
इस गिरफ्तारी के बाद ही सामने आया कि इस चोरी में एक और व्यक्ति शामिल था, जो घटना के बाद से फरार चल रहा था।
यूट्यूबर होने के बावजूद नहीं बच सका पुलिस की पकड़ से
फरार आरोपी के बारे में जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वह एक यूट्यूब चैनल संचालित करता है। इस जानकारी के बाद पुलिस ने उसकी ऑनलाइन गतिविधियों पर भी नजर रखनी शुरू की, ताकि उसके ठिकाने का पता लगाया जा सके।
साथ ही स्थानीय स्तर पर मुखबिर तंत्र को और सक्रिय किया गया। आखिरकार 1 सितंबर 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपने गांव में मौजूद है।
क्या बदला? डिजिटल मौजूदगी और सोशल मीडिया सक्रियता अब पुलिस के लिए भी एक ट्रैकिंग जरिया बन गई है, जिससे फरार आरोपियों के लिए छिपना पहले से कठिन हो गया है।
दबिश देकर आरोपी को किया गिरफ्तार
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने आरोपी के गांव में तत्काल दबिश दी और उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने भी अपने साथी के साथ मिलकर मोटरसाइकिल और मोबाइल चोरी की घटना में शामिल होना स्वीकार किया।
पुलिस ने 1 सितंबर 2026 की दोपहर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
किस पर पड़ेगा असर?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत की गई कई कार्रवाइयों में से एक है, जिसका मकसद क्षेत्र में सक्रिय निगरानी बदमाशों और आदतन अपराधियों पर नकेल कसना है। इस गिरफ्तारी से:
- वाहन चोरी की घटनाओं में शामिल पूरे गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।
- पीड़ित को उसकी चोरी हुई मोटरसाइकिल और मोबाइल वापस मिल गए हैं।
- क्षेत्र में सक्रिय अन्य असामाजिक तत्वों में पुलिस कार्रवाई को लेकर सतर्कता बढ़ने की संभावना है।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
इस पूरी कार्रवाई में घरघोड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव के नेतृत्व में प्रशिक्षु उपनिरीक्षक, प्रधान आरक्षक और अन्य आरक्षकों सहित पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि आगे भी क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियों पर निगरानी जारी रहेगी।









