दुर्ग में पुराने पेंशन योजना और पेंशन प्रकरण के निराकरण हेतु संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन

पुराने पेंशन योजना का लाभ 2004 से 2022 तक के कर्मचारियों को
छत्तीसगढ़ शासन ने पुराने पेंशन योजना को लागू किया है, जिसके तहत 1 नवंबर 2004 से 31 मार्च 2022 तक के कर्मचारियों को इसके लाभ देने के लिए विकल्प भरने का प्रावधान किया गया। एनपीएस (नैशनल पेंशन स्कीम) के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना का विकल्प भरकर इसका लाभ लिया है। जिन कर्मचारियों का निधन हो चुका था, उनके नॉमिनी के द्वारा विकल्प भरा गया।
पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर
आज दुर्ग में आयोजित संभागीय कार्यशाला में आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए विस्तृत निर्देश दिए गए। पीपीटी के माध्यम से कर्मचारियों और उनके नॉमिनियों से संबंधित सभी प्रक्रियाओं की चर्चा की गई और विभिन्न समस्याओं के समाधान पर विचार किया गया। कार्यशाला के दौरान पेंशन प्रकरणों को शीघ्र निपटाने की दिशा में निर्देश दिए गए।
शपथ पत्र और सहमति पत्र का महत्त्व
संयुक्त संचालक डॉ. दीवाकर सिंह राठौर ने कार्यशाला में बताया कि शासकीय सेवक और उनके नामिनी से शपथ पत्र और सहमति पत्र भरवाना अनिवार्य है। इसके अलावा, पेंशन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु सभी अधिकारियों को समयबद्ध निर्देश दिए गए हैं।
पेंशन प्रकरणों में त्रुटियों पर ध्यान
कोष लेखा एवं पेंशन उप संचालक देवेन्द्र चौबे ने पेंशन प्रकरणों में सामान्य त्रुटियों के बारे में बताया, जैसे कि नामांकन की कमी, जन्म प्रमाण पत्र की अनुपस्थिति, और वेतन निर्धारण की जांच न कराना। उन्होंने पेंशन प्रकरणों के सही तरीके से तैयार होने की अहमियत पर बल दिया।
पेंशन भुगतान में विलंब पर कार्रवाई
कार्यशाला के अंत में पेंशन भुगतान में होने वाली देरी को गंभीरता से लिया गया और इस पर गति लाने के लिए सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया। उन्होंने सभी डीडीओ से आग्रह किया कि पुरानी पेंशन योजना के तहत लाभार्थियों को पेंशन जल्द से जल्द प्राप्त हो।



















