डोंगरगढ़ रोपवे पुनः प्रारंभ: सुरक्षा जांच के बाद मां बम्लेश्वरी मंदिर का सफर फिर शुरू, हादसे की वजह पर अब भी पर्दा

डोंगरगढ़ रोपवे पुनः प्रारंभ: सुरक्षा जांच के बाद मां बम्लेश्वरी मंदिर का सफर फिर शुरू, हादसे की वजह पर अब भी पर्दा
डोंगरगढ़/रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी मंदिर तक श्रद्धालुओं को पहुंचाने वाले रोपवे का संचालन एक बार फिर से शुरू कर दिया गया है। यह रोपवे पिछले महीने 24 अप्रैल को हुए एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसे के बाद लगभग 22 दिनों तक बंद था। तकनीकी सुधार और व्यापक सुरक्षा जांच की प्रक्रियाओं को पूरा करने के उपरांत इसे पुनः आम जनता के लिए खोल दिया गया है।सुरक्षा जांच के बाद मां बम्लेश्वरी मंदिर का सफर फिर शुरू
पिछले महीने हुआ था दर्दनाक हादसा
गौरतलब है कि 24 अप्रैल को रोपवे की एक ट्रॉली स्टेशन पर पहुंचते ही अचानक पलट गई थी। इस हादसे के समय ट्रॉली में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री श्री भरत वर्मा समेत कई अन्य श्रद्धालु भी सवार थे। इस दुर्घटना में श्री भरत वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनका उपचार अभी भी रायपुर के एक अस्पताल में जारी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से रोपवे का संचालन बंद करवा दिया था, मामले की जांच के आदेश दिए थे और संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज की गई थी।सुरक्षा जांच के बाद मां बम्लेश्वरी मंदिर का सफर फिर शुरू
हादसे की वजह पर चुप्पी, सुरक्षा का दावा
हालांकि, रोपवे का संचालन पुनः शुरू हो गया है, लेकिन 22 दिन बीत जाने के बाद भी हादसे की वास्तविक वजह क्या थी, इस पर आधिकारिक रूप से कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। मंदिर ट्रस्ट, रोपवे का संचालन करने वाली कंपनी और जिला प्रशासन, सभी का यही कहना है कि आवश्यक तकनीकी जांच पूरी कर ली गई है, जो भी खामियां पाई गईं थीं उन्हें सुधार लिया गया है और अब रोपवे पूरी तरह से सुरक्षित है।सुरक्षा जांच के बाद मां बम्लेश्वरी मंदिर का सफर फिर शुरू
मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, एनआईटी रायपुर और दामोदर रोपवे कंपनी की संयुक्त टीम ने इस पूरे सिस्टम की गहन जांच की। जांच के दौरान जिन भी तकनीकी बिंदुओं पर कमियां या सुधार की गुंजाइश पाई गई, उन्हें दुरुस्त कर दिया गया है।सुरक्षा जांच के बाद मां बम्लेश्वरी मंदिर का सफर फिर शुरू
श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्राथमिकता
प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट का दावा है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के बाद ही रोपवे को पुनः संचालित करने का निर्णय लिया गया है। उम्मीद है कि अब श्रद्धालु बिना किसी भय के मां बम्लेश्वरी के दर्शनों के लिए रोपवे का सुरक्षित उपयोग कर सकेंगे। हालांकि, हादसे की वजह का खुलासा न होना कई सवाल खड़े करता है, जिस पर भविष्य में स्पष्टता आने की अपेक्षा है।सुरक्षा जांच के बाद मां बम्लेश्वरी मंदिर का सफर फिर शुरू



















