LIVE UPDATE
कोरबा

कोरबा: सहकारी बैंक की नई शाखा न खुलने से किसान बेहाल, रकम निकालने घंटों लाइन में खड़े अन्नदाता

? कोरबा: सहकारी बैंक की नई शाखा न खुलने से किसान बेहाल, रकम निकालने घंटों लाइन में खड़े अन्नदाता

? शाखाएं कम, भीड़ ज्यादा: कोरबा, पाली और कटघोरा में बैंकों के बाहर रोज लग रही लंबी कतारें

कोरबा। जिले में सहकारी केंद्रीय बैंक की नई शाखा न खुल पाने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोरबा, पाली, बरपाली, कटघोरा और हरदीबाजार जैसे इलाकों में किसानों को अपनी ही मेहनत की कमाई निकालने के लिए घंटों धूप में खड़ा रहना पड़ता है।सहकारी बैंक की नई शाखा न खुलने से किसान बेहाल

? समर्थन मूल्य पर धान बेचने के बाद भी पूरी राशि नहीं मिल रही किसानों को

  • धान विक्रय के बाद मिलने वाली राशि को निकालने के लिए किसानों को बार-बार बैंक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
  • कई बार पूरी रकम न मिलने की वजह से अन्नदाता आर्थिक रूप से जूझते रहते हैं।
  • एक किसान रामधन गोड़ ने बताया कि पाली बैंक में तो कुछ किसान रात में ही लाइन लगाने पहुंच जाते हैं।

? नई शाखा और संसाधनों की कमी बनी परेशानी की जड़

  • जिला सहकारी बैंक द्वारा नई शाखा खोलने का प्रस्ताव रिज़र्व बैंक को भेजा गया है, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिल पाई है।
  • न तो अतिरिक्त काउंटर खोले जा रहे हैं और न ही अस्थायी स्टाफ की व्यवस्था की जा रही है।

? एटीएम सेवा बेअसर, दूसरी बैंकों में खाता खोलने की नहीं मिल रही अनुमति

  • किसानों को सिर्फ सहकारी बैंक में ही खाता खोलने की मजबूरी है।
  • यदि किसानों को दूसरे बैंकों में खाता खोलने की अनुमति मिले, तो यह भीड़ और अव्यवस्था काफी हद तक कम हो सकती है।
  • हाल ही में शुरू की गई एटीएम सेवा भी किसानों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पा रही है।

? सुबह 8 बजे से लग जाती है भीड़, फिर भी नहीं मिलती पूरी रकम

  • कोरबा शाखा में किसान सुबह 8 बजे से लाइन में लगते हैं, लेकिन बैंक खुलने के बाद भी रकम मिल जाए, ये तय नहीं है।
  • बैंकों ने समिति के हिसाब से दिन तय किए हैं, लेकिन फिर भी राशि पूरी नहीं दी जाती

? किसानों की सालों पुरानी समस्या, समाधान की राह अभी भी अधूरी

  • यह समस्या हर साल दोहराई जाती है, लेकिन बैंक प्रबंधन की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
  • अधिकतम 25 हजार रुपये की निकासी सीमा भी किसानों की परेशानी बढ़ा रही है।

✅ समाधान क्या हो सकता है?

  1. नई बैंक शाखाओं को जल्द मंजूरी दी जाए।
  2. अस्थायी काउंटर और स्टाफ की तैनाती की जाए।
  3. किसानों को दूसरे बैंकों में खाता खोलने की छूट मिले।
  4. एटीएम और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का विस्तार किया जाए।

 

WhatsApp Group Join Now
Facebook Page Follow Now
YouTube Channel Subscribe Now
Telegram Group Follow Now
Instagram Follow Now
Dailyhunt Join Now
Google News Follow Us!

Nidar Chhattisgarh Desk

देश में तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार वेबसाइट है। जो हिंदी न्यूज साइटों में सबसे अधिक विश्वसनीय, प्रमाणिक और निष्पक्ष समाचार अपने पाठक वर्ग तक पहुंचाती है। इसकी प्रतिबद्ध ऑनलाइन संपादकीय टीम हर रोज विशेष और विस्तृत कंटेंट देती है। हमारी यह साइट 24 घंटे अपडेट होती है, जिससे हर बड़ी घटना तत्काल पाठकों तक पहुंच सके। पाठक भी अपनी रचनाये या आस-पास घटित घटनाये अथवा अन्य प्रकाशन योग्य सामग्री ईमेल पर भेज सकते है, जिन्हें तत्काल प्रकाशित किया जायेगा !

Related Articles

WP Radio
WP Radio
OFFLINE LIVE