LIVE UPDATE
हमर छत्तीसगढ़

Electric Pole Cable Mesh: शहर में बिजली के खंभों पर केबल का ‘मकड़जाल’: मात्र ₹100 के लिए दांव पर लगी आम जनता की जान!

Electric Pole Cable Mesh: शहर में बिजली के खंभों पर फैला इंटरनेट और टीवी केबल्स का जाल बना नागरिकों के लिए खतरा। ₹100 के किराए के लिए सुरक्षा नियमों की हो रही अनदेखी। जानें पूरी खबर।

City Safety News: क्या आपने कभी गौर किया है कि आपके घर के बाहर बिजली के खंभे अब खंभे कम और तारों का गुच्छा ज्यादा नजर आते हैं? शहर की सड़कों पर बिजली के खंभों पर फैले Internet and TV Cables ने अब एक खतरनाक रूप ले लिया है। निजी कंपनियों की लापरवाही और विभाग की ढिलाई की वजह से शहर की खूबसूरती तो बिगड़ ही रही है, साथ ही आम नागरिकों की सुरक्षा (Public Safety) भी खतरे में है।Electric Pole Cable Mesh

WhatsApp Group Join Now
Facebook Page Follow Now
YouTube Channel Subscribe Now
Telegram Group Follow Now
Instagram Follow Now
Dailyhunt Join Now
Google News Follow Us!

मात्र ₹100 का किराया और सुरक्षा से खिलवाड़

Electric Pole Cable Mesh: बिजली विभाग के हालिया आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है। शहर के लगभग 51,000 बिजली के खंभों का इस्तेमाल प्राइवेट कंपनियां अपने केबल बिछाने के लिए कर रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग एक पोल के लिए साल भर का महज 100 रुपए किराया वसूल रहा है।

Electric Pole Cable Mesh: इतने कम दाम में पोल का एक्सेस देने के बावजूद, कंपनियां Safety Standards का पालन नहीं कर रही हैं। सुरक्षा के दावों और हकीकत के बीच बड़ा अंतर नजर आ रहा है।

‘मौत का फंडा’ बन रहे लटकते तार (Safety Hazards)

Electric Pole Cable Mesh: बिना किसी टेक्निकल गाइडलाइन के खींचे गए ये केबल सड़कों पर काफी नीचे तक लटक रहे हैं। इसकी वजह से कई गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं:

  • Heavy Vehicles का खतरा: कम ऊंचाई की वजह से ट्रक और बस जैसे भारी वाहनों के इन तारों में फंसने का डर बना रहता है।

  • Two-Wheeler Accidents: दोपहिया वाहन चालक अक्सर इन लटकते तारों की चपेट में आकर दुर्घटना (Accidents) का शिकार हो रहे हैं।

  • Short Circuit का डर: बिजली के तारों और इंटरनेट केबल्स का आपस में उलझना किसी बड़े शॉर्ट सर्किट या आगजनी का कारण बन सकता है।

फाइलों में दबी योजनाएं, धरातल पर सन्नाटा

Electric Pole Cable Mesh: बिजली विभाग पिछले कई सालों से ‘सुरक्षित शहर’ की योजनाएं बना रहा है, लेकिन हकीकत में कुछ खास बदलाव नहीं हुआ।

  1. AB Cable Project: पुराने जर्जर तारों को हटाकर सुरक्षित Aerial Bunched (AB) Cables लगाने का काम पिछले 3 साल से पेंडिंग है।

  2. Market Areas की हालत: सदर बाजार, गोल बाजार, सिविल लाइन, बृहस्पति बाजार और करोना चौक जैसे बिजी इलाकों में तारों का अंबार लगा हुआ है, जिससे हर वक्त खतरा बना रहता है।

क्या हैं नियम? (Safety Guidelines)

Electric Pole Cable Mesh: नियमों के मुताबिक, जमीन से 3-4 मीटर की ऊंचाई तक पोल पर कोई भी खुला तार नहीं होना चाहिए। केबल्स को GI या PVC पाइप से कवर करना अनिवार्य है, ताकि किसी भी तरह के करंट या दुर्घटना से बचा जा सके। लेकिन शहर में इन नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।

प्रशासन का रुख (Official Statement)

Electric Pole Cable Mesh: मामले की गंभीरता को देखते हुए बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता (Superintending Engineer) पी. श्रीनिवास राजू ने कहा है कि, “कम ऊंचाई वाले और अव्यवस्थित तरीके से लगे केबलों की जांच की जाएगी। जो केबल सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करते, उन्हें तुरंत हटवाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर नए केबल लगाए जाएंगे।”

Dr. Tarachand Chandrakar

देश में तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार वेबसाइट है। जो हिंदी न्यूज साइटों में सबसे अधिक विश्वसनीय, प्रमाणिक और निष्पक्ष समाचार अपने पाठक वर्ग तक पहुंचाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP Radio
WP Radio
OFFLINE LIVE