पेड़ के नीचे शरण लेना पड़ा भारी, छात्रा की गई जान

पेड़ के नीचे शरण लेना पड़ा भारी,सरगुजा जिले के लुंड्रा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम चलगली बकनाकला में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, 13 वर्षीय स्कूली छात्रा सनमतिया शुक्रवार को अपनी सहेलियों के साथ जंगल की ओर मवेशी चराने गई थी।
शाम करीब 5:30 बजे अचानक मौसम खराब हुआ और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए सनमतिया एक पेड़ के नीचे खड़ी हो गई, तभी अचानक पेड़ पर बिजली गिर गई। इस हादसे में छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, उसके साथ मौजूद अन्य सहेलियां सुरक्षित हैं, लेकिन उन्हें भी बिजली के झटके महसूस हुए हैं।
कोरिया जिले में वज्रपात से 7 मवेशियों की मौत
मौसम का कहर सिर्फ सरगुजा तक ही सीमित नहीं रहा। कोरिया जिले में भी तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरी। यहाँ भी बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़े सात मवेशी वज्रपात की चपेट में आ गए, जिससे उनकी तत्काल मौत हो गई। इस घटना से स्थानीय पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुँचा है।
तापमान में गिरावट, गर्मी से मिली राहत
पेड़ के नीचे शरण लेना पड़ा भारी,शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में हुई ओलावृष्टि और बारिश के बाद छत्तीसगढ़ के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। कई दिनों से भीषण गर्मी झेल रहे प्रदेशवासियों को इस बारिश से राहत तो मिली है, लेकिन वज्रपात ने खुशियों को मातम में बदल दिया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले 48 घंटों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और कमी आने की संभावना है।
मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी: इन जिलों में बारिश के आसार
मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के कई जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार:
बस्तर संभाग: यहाँ गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना है।
सरगुजा संभाग: अगले कुछ घंटों तक बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश हो सकती है।
राजधानी रायपुर: रायपुर और आसपास के इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और धूल भरी आंधी चल सकती है।
सावधानी ही बचाव है: वज्रपात के समय क्या करें?
पेड़ के नीचे शरण लेना पड़ा भारी,प्रशासन ने अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें:
बिजली चमकने के दौरान कभी भी ऊंचे पेड़ों के नीचे शरण न लें।
बिजली के खंभों और धातु की वस्तुओं से दूर रहें।
यदि आप खुले मैदान में हैं, तो तुरंत किसी पक्के मकान में चले जाएं।
खराब मौसम में मवेशियों को खुले में न छोड़ें।



















