हाई कोर्ट ने उच्च शिक्षा विभाग के तबादले पर लगाई रोक, याचिकाकर्ताओं को मिली राहत

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा विभाग द्वारा नियमों का उल्लंघन करते हुए सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज के व्याख्याताओं का तबादला इंजीनियरिंग कॉलेज में कर दिया गया, जिससे वहां कार्यरत चार अंशकालिक सहायक प्राध्यापकों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। इस निर्णय के खिलाफ याचिका दाखिल की गई, जिसके बाद हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं को राहत देते हुए स्थानांतरण और सेवा समाप्ति के आदेश पर अंतरिम रोक लगाई गई है।
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता अजय श्रीवास्तव ने कोर्ट में दलील दी कि दोनों संस्थानों के सेवा नियम और भर्ती के मापदंड भिन्न हैं। पॉलिटेक्निक कॉलेज के व्याख्याताओं का इंजीनियरिंग कॉलेज में स्थानांतरण नियमों के अनुसार नहीं हो सकता, क्योंकि इंजीनियरिंग कॉलेज में प्राध्यापक के पद पर एम.टेक की न्यूनतम योग्यता की आवश्यकता होती है जबकि व्याख्याता के लिए बी.टेक पर्याप्त है। याचिका में बताया गया कि पॉलिटेक्निक के व्याख्याताओं का स्थानांतरण अनुचित है और इससे याचिकाकर्ताओं की सेवा प्रभावित हुई है।
जस्टिस पीपी साहू के सिंगल बेंच में हुई सुनवाई के बाद कोर्ट ने राज्य शासन को नोटिस जारी करते हुए जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट के इस आदेश से याचिकाकर्ता प्राध्यापकों को अस्थायी राहत मिल गई है। हाई कोर्ट ने उच्च शिक्षा विभाग के तबादले पर लगाई रोक, याचिकाकर्ताओं को मिली राहत



















