
मंत्रालय में नौकरी लगवाने के नाम पर 23 लाख की ठगी,छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ खुद को प्रदेश के कृषि मंत्री का करीबी रिश्तेदार बताकर एक दंपत्ति ने चार बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बनाया। मंत्रालय में ऊँची पहुँच और सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर आरोपियों ने पीड़ितों से करीब 23 लाख रुपये वसूल लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
कैसे शुरू हुआ ठगी का यह खेल?
मिली जानकारी के अनुसार, रायगढ़ के रामभांठा निवासी समारु राम टंडन, जो पेशे से ड्राइवर हैं, उनकी मुलाकात करीब एक साल पहले रायपुर के जय स्तंभ चौक पर कुमार राम ठाकुर और उसकी पत्नी सहोद्रा बाई ठाकुर से हुई थी। बातचीत के दौरान कुमार राम ने समारु को विश्वास दिलाया कि वह छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम का साला (बहनोई) है। उसने दावा किया कि मंत्रालय में उसकी इतनी पकड़ है कि वह किसी की भी सरकारी नौकरी लगवा सकता है।
नौकरी के लालच में फँसे चार युवा
समारु उसकी बातों में आ गया और अपने बेटे डिगेश कुमार के लिए नौकरी की बात की। आरोपी ने इसके बदले 5 लाख रुपये की मांग की। नौकरी मिलने की उम्मीद में समारु ने अपने अन्य रिश्तेदारों और परिचितों—पिंटू लहरे, राजेश साहू और लोकनाथ चौहान—को भी इसकी जानकारी दी। सरकारी नौकरी की चाहत में इन सभी ने अपने बायोडाटा आरोपियों को सौंप दिए।
किस्तों में ऐंठे लाखों रुपये, थमाए फर्जी लेटर
मंत्रालय में नौकरी लगवाने के नाम पर 23 लाख की ठगी,ठगी की योजना के तहत आरोपी ठाकुर राम रायगढ़ पहुँचा और समारु से 4 लाख रुपये नकद लिए। इसके बाद, आरोपियों ने सभी पीड़ितों को महासमुंद जिले के भद्ररसी गाँव बुलाया। वहाँ 1 दिसंबर 2024 को उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर भरोसा जीता गया। आरोपियों ने कहा कि जॉइनिंग से पहले पूरी रकम देनी होगी। झांसे में आकर पीड़ितों ने 8 दिसंबर को 8 लाख 77 हजार 500 रुपये और दे दिए। कुल मिलाकर चारों पीड़ितों से करीब 23 लाख रुपये की वसूली की गई।
जॉइनिंग के नाम पर टालमटोल और फिर खुलासा
जब 12 दिसंबर की तय तारीख पर भी जॉइनिंग नहीं हुई और आरोपी बहाने बनाने लगा, तो पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ। बार-बार चक्कर काटने के बाद जब उन्हें पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी हैं, तो उन्होंने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई और जांच जारी
कोतवाली थाना प्रभारी सुखनंदन पटेल ने बताया कि पीड़ितों की शिकायत के आधार पर आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की एक टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए महासमुंद और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोनों आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।
मंत्रालय में नौकरी लगवाने के नाम पर 23 लाख की ठगी, सरकारी नौकरी केवल आधिकारिक चयन प्रक्रिया और परीक्षाओं के माध्यम से ही मिलती है। किसी भी व्यक्ति को मंत्रालय या विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे न दें।









