चलती बस में ड्राइवर को हार्ट अटैक, स्टीयरिंग पर मौत; एंबुलेंस में ‘डीजल नहीं’ होने से गई जान?

चलती बस में ड्राइवर को हार्ट अटैक, स्टीयरिंग पर मौत; एंबुलेंस में ‘डीजल नहीं’ होने से गई जान?
मुख्य बिंदु:-
पेंड्रा से बैकुंठपुर जा रही बस के ड्राइवर को चलती गाड़ी में आया हार्ट अटैक।
WhatsApp Group Join NowFacebook Page Follow NowYouTube Channel Subscribe NowTelegram Group Follow NowInstagram Follow NowDailyhunt Join NowGoogle News Follow Us!बस सड़क किनारे खड़ी मिक्सर मशीन से टकराकर रुकी, दर्जनों यात्रियों की जान बची।
परिजनों का आरोप: नजदीकी अस्पताल ने ‘डीजल नहीं’ होने का बहाना बनाकर एंबुलेंस देने से किया इनकार, देरी से हुई मौत।
खडग़वां/बैकुंठपुर। छत्तीसगढ़ के खडग़वां में मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जहां एक चलती बस के ड्राइवर की हार्ट अटैक से स्टीयरिंग पर ही मौत हो गई। गनीमत यह रही कि बस की रफ्तार धीमी थी और वह सड़क किनारे खड़ी एक मिक्सर मशीन से टकराकर रुक गई, जिससे एक बड़ा और भयानक हादसा टल गया। हालांकि, ड्राइवर की जान बचाई जा सकती थी, लेकिन परिजनों और सहकर्मियों ने स्वास्थ्य केंद्र पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।चलती बस में ड्राइवर को हार्ट अटैक
स्टीयरिंग पर ही थम गईं सांसें, ऐसे टला बड़ा हादसा
मंगलवार सुबह करीब 8 बजे, पंकज बस पेंड्रा से बैकुंठपुर के लिए रवाना हुई थी। बस में आधा दर्जन से ज्यादा यात्री सवार थे। जब बस ग्राम देवाडांड़ के पास पहुंची, तो ड्राइवर नारायण एक ब्रेकर पर बस धीमी करने के बाद जैसे ही गियर बदलकर स्पीड बढ़ाने लगे, उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द उठा और वह स्टीयरिंग पर ही बेसुध हो गए। बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी एक कंक्रीट मिक्सर मशीन से जा टकराई और रुक गई। इस टक्कर ने बस में सवार यात्रियों की जान बचा ली।चलती बस में ड्राइवर को हार्ट अटैक
जान बचाने की जंग और सिस्टम की लापरवाही का आरोप
बस के कंडक्टर और अन्य स्टाफ ने बिना देर किए ड्राइवर नारायण को पास के सलका प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तत्काल खडग़वां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के लिए रेफर कर दिया।चलती बस में ड्राइवर को हार्ट अटैक
बस कर्मचारियों का आरोप है कि जब उन्होंने सलका स्वास्थ्य केंद्र से एंबुलेंस की मांग की, तो उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि “एंबुलेंस में डीजल नहीं है और ड्राइवर भी मौजूद नहीं है।”चलती बस में ड्राइवर को हार्ट अटैक
इस लापरवाही के कारण कीमती समय बर्बाद हो गया। इसके बाद खडग़वां से 108 एंबुलेंस को बुलाया गया, जिसके पहुंचने में काफी देरी हुई। हार्ट अटैक आने के लगभग 2 घंटे बाद जब ड्राइवर को खडग़वां अस्पताल पहुंचाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।चलती बस में ड्राइवर को हार्ट अटैक
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, बोले- यह पहली बार नहीं
इस घटना ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश भर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि सलका स्वास्थ्य केंद्र इस क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण अस्पताल है, लेकिन यहां इस तरह की लापरवाही आम बात हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल के बगल में ही पेट्रोल पंप होने के बावजूद ‘डीजल नहीं’ होने का बहाना बनाना सीधे तौर पर अपनी जिम्मेदारी से भागना है। पहले भी कई मरीजों को समय पर एंबुलेंस न मिलने के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी है।चलती बस में ड्राइवर को हार्ट अटैक
अधिकारी का दावा: ‘डीजल-ड्राइवर दोनों थे मौजूद’
इन गंभीर आरोपों पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सलका के प्रभारी डॉ. पुष्पराज बर्मन ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “ऐसी कोई बात नहीं है। स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध एंबुलेंस में डीजल भरा हुआ था और मौके पर ड्राइवर भी मौजूद था।” अधिकारी के इस बयान ने मामले को और भी उलझा दिया है और यह जांच का विषय है कि आखिर सच क्या है।चलती बस में ड्राइवर को हार्ट अटैक



















