सूचना आयुक्त का फैसला: क्रिमिनल रिकार्ड देने से इंकार नहीं कर सकती पुलिस

पुलिस ने निजी जानकारी बता आरटीआई में नहीं दिए थे दस्तावेज
NCG News desk Bhopal:-
भोपाल। व्यक्ति का क्रिमिनल रिकार्ड आरटीआई के दायरे में है। पुलिस व्यक्ति का क्रिमिनल रेकॉर्ड आरटीआई के तहत देने से इंकार नहीं कर सकती। राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने एक मामले की सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। आदेश में स्पष्ट किया कि समाज में रहने वाले व्यक्तियों को पता लगाने का अधिकार है कि किस अपराध को किनके द्वारा किया जा रहा है ताकि वह अपने आप को सजग और सुरक्षित रख पाए।

यह है मामला
दरअसल मामला यह है कि कोटा के उमेश नागर ने ससुराल वालों के क्रिमिनल रिकार्ड की जानकारी के लिए ग्वालियर एसपी कार्यालय में आरटीआई लगाई। पुलिस ने इसे व्यक्तिगत जानकारी बताकर जानकारी देने से मना कर दिया। उनकी बेटी की कस्टडी ससुराल वालों के पास है, इसलिए वे यह जानकारी चाहते थे।
व्यक्ति का क्रिमिनल रिकार्ड आरटीआई के दायरे में
जानकारी रोकने पर सवाल उठाते हुए राहुल सिंह ने कहा कि अपराध को निजी जानकारी की श्रेणी में रखा जाए तो हर अपराधी को अपराध करने के बाद यह रहेगा कि उसके द्वारा किया गया अपराध उसका निजी विषय है इसीलिए उनकी जानकारी किसी को न दी जाए।क्रिमिनल रिकार्ड
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