शिव भक्ति में डूबा केशकाल, खुले आसमान तले विराजे भोलेनाथ के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब

शिव भक्ति में डूबा केशकाल, खुले आसमान तले विराजे भोलेनाथ के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब
शिव भक्ति में डूबा केशकाल, खुले आसमान तले विराजे भोलेनाथ के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब, सावन के पवित्र महीने में चारों ओर शिव भक्ति की लहर है। छत्तीसगढ़ के केशकाल, बड़ेराजपुर और फरसगांव क्षेत्र में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है, जहाँ हजारों श्रद्धालु खुले आसमान के नीचे विराजे प्राचीन शिवलिंग के दर्शन और जलाभिषेक के लिए कावड़ यात्रा निकाल रहे हैं। ढोल-नगाड़ों और ‘बोल बम’ के जयकारों के साथ निकल रही यह यात्रा हर किसी को भक्तिरस में सराबोर कर रही है।
आस्था का केंद्र: गढ़धनौरा का प्राचीन शिवलिंग
इस पूरी यात्रा का केंद्र गढ़धनौरा (गोबरहीन) स्थित वह प्राचीन शिवलिंग है जो खुले आसमान के नीचे स्थापित है। इस अद्वितीय शिवलिंग के प्रति लोगों में गहरी आस्था है। हर साल सावन के महीने में, विशेषकर सोमवार को, यहाँ श्रद्धालुओं का तांता लग जाता है। इस वर्ष भी अंतिम सावन सोमवार पर एक भव्य मेले जैसा दृश्य होने की उम्मीद है, जिसकी तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं।शिव भक्ति में डूबा केशकाल, खुले आसमान तले विराजे भोलेनाथ के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब
बोल बम के जयकारों से गूंज उठे रास्ते
सिहावा के पवित्र तट से जल भरकर गढ़धनौरा के लिए निकले कावड़ियों का उत्साह देखते ही बन रहा है। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों द्वारा कावड़ यात्रियों का भव्य स्वागत किया जा रहा है। बजरंग दल जैसे संगठनों ने भी पुष्प वर्षा और जयकारों के साथ कावड़ियों का अभिनंदन कर उनके जोश को और बढ़ा दिया है।शिव भक्ति में डूबा केशकाल, खुले आसमान तले विराजे भोलेनाथ के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब
अंतिम सोमवार पर महा-जलाभिषेक की विशेष तैयारी
सावन के अंतिम सोमवार को होने वाले मुख्य जलाभिषेक के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कावड़ियों का एक बड़ा जत्था 2 अगस्त, शनिवार को केशकाल से सिहावा के लिए प्रस्थान करेगा। ये श्रद्धालु रविवार सुबह महानदी से जल धारण कर अपनी पदयात्रा शुरू करेंगे और सोमवार को गढ़धनौरा पहुँचकर भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। शिव भक्तों की सेवा के लिए स्थानीय लोगों द्वारा भोजन और विश्राम की व्यवस्था भी की जा रही है।शिव भक्ति में डूबा केशकाल, खुले आसमान तले विराजे भोलेनाथ के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब
नन्हे कावड़ियों ने भी दिखाई शिवभक्ति
इस भक्तिमय माहौल में बच्चे भी पीछे नहीं हैं। कोण्डागांव में सरस्वती शिशु मंदिर के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने नारंगी नदी से जल लेकर शिवालय में अभिषेक किया। इसी तरह, वनवासी विकास समिति द्वारा भी ढोल-बाजों के साथ भव्य कावड़ यात्रा निकाली गई, जिससे पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया है।शिव भक्ति में डूबा केशकाल, खुले आसमान तले विराजे भोलेनाथ के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब



















