केशकाल ट्विन टनल: छत्तीसगढ़ की पहली सुरंग का दूसरा हिस्सा भी खुला, सफल ब्लास्टिंग के साथ मिली बड़ी कामयाबी
भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बन रही इस सुरंग का काम निर्णायक चरण में पहुंचा। रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर को मिलेगी रफ्तार, सितंबर 2026 तक पूरा होगा निर्माण।

छत्तीसगढ़ के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। बस्तर की लाइफलाइन कहे जाने वाले केशकाल घाट के पास बन रही प्रदेश की पहली ‘ट्विन टनल’ (Twin Tunnel) का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ चला है। बुधवार को सुरंग के दूसरे हिस्से (Right Hand Side) का भी सफल ‘ब्रेकथ्रू’ कर लिया गया।
गोविंदपुर में चल रहे इस निर्माण कार्य के दौरान बुधवार को नियंत्रित विस्फोट (Controlled Blasting) के जरिए सुरंग के दूसरे छोर को खोला गया। जैसे ही ब्लास्टिंग सफल हुई, वहां मौजूद कामगारों और इंजीनियरों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस ऐतिहासिक पल के गवाह केशकाल एसडीएम आकांक्षा नायक और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के वरिष्ठ अधिकारी बने।छत्तीसगढ़ की पहली सुरंग का दूसरा हिस्सा भी खुला, सफल ब्लास्टिंग के साथ मिली बड़ी कामयाबी
निर्णायक चरण में पहुंचा काम
केशकाल के गोविंदपुर में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बन रही यह सुरंग 2.79 किलोमीटर (लगभग 2.8 किमी) लंबी है। अधिकारियों के मुताबिक, 30 सितंबर को टनल के बाएं हिस्से (LHS) का ब्रेकथ्रू पहले ही पूरा कर लिया गया था। अब दूसरे हिस्से की खुदाई पूरी होने के साथ ही यह प्रोजेक्ट निर्णायक चरण में पहुंच गया है। अब सुरंग के अंदर लाइनिंग और फिनिशिंग का काम तेजी से किया जाएगा।छत्तीसगढ़ की पहली सुरंग का दूसरा हिस्सा भी खुला, सफल ब्लास्टिंग के साथ मिली बड़ी कामयाबी
रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर को मिलेगी मजबूती
यह ट्विन टनल रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे (NH-130CD) का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके बनने से न केवल छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग को फायदा होगा, बल्कि पड़ोसी राज्यों के साथ कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।छत्तीसगढ़ की पहली सुरंग का दूसरा हिस्सा भी खुला, सफल ब्लास्टिंग के साथ मिली बड़ी कामयाबी
इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी: इस टनल के शुरू होने से छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच यातायात सुगम हो जाएगा।
सुरक्षित सफर: ट्विन ट्यूब टनल तकनीक से बन रही यह सुरंग आधुनिक सुरक्षा मानकों से लैस होगी, जिससे घाट पर लगने वाले जाम और दुर्घटनाओं से मुक्ति मिलेगी।
सितंबर 2026 तक काम पूरा करने का लक्ष्य
NHAI ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने के लिए सितंबर 2026 का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिस गति से निर्माण कार्य चल रहा है, उम्मीद है कि तय समय सीमा के भीतर इसे जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। सुरंग के दोनों छोर खुलने के बाद अब निर्माण कार्य और भी तेज गति से आगे बढ़ेगा।छत्तीसगढ़ की पहली सुरंग का दूसरा हिस्सा भी खुला, सफल ब्लास्टिंग के साथ मिली बड़ी कामयाबी
वायरल हुआ ब्लास्टिंग का वीडियो
दूसरी सुरंग के अंतिम छोर को खोलने के लिए की गई ब्लास्टिंग का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें धूल के गुबार के साथ सुरंग का रास्ता खुलता हुआ दिखाई दे रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है, जो राज्य में हो रहे आधुनिक विकास कार्यों की झलक प्रस्तुत करता है।छत्तीसगढ़ की पहली सुरंग का दूसरा हिस्सा भी खुला, सफल ब्लास्टिंग के साथ मिली बड़ी कामयाबी



















