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बैकुंठपुर: बच्ची की मौत पर देर से जागी पुलिस, सवालों के घेरे में निष्पक्षता | जानिए पूरा मामला

बैकुंठपुर: बच्ची की मौत पर देर से जागी पुलिस, सवालों के घेरे में निष्पक्षता | जानिए पूरा मामला

क्या न्याय के लिए आंदोलन ज़रूरी है? पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल

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? मुख्य बिंदु:

  • 8 साल की बच्ची हिमांशी की स्कॉर्पियो की चपेट में आकर मौत
    • वाहन चला रहा था बिना लाइसेंस वाला नौसिखिया
    • पहले साधारण धाराएं, बाद में बढ़ाई गईं धाराएं
    • धारा 105 और 151 के तहत दो आरोपी गिरफ्तार
    • पुलिस पर निष्पक्षता में चूक और सौदेबाजी के आरोप
    • परिजनों के प्रदर्शन के बाद ही मिली कार्रवाई

बैकुंठपुर : कोरिया जिले के प्रेमाबाग कॉलोनी में मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत के मामले ने एक बार फिर पुलिस की निष्पक्षता और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि नौसिखिया ड्राइवर की लापरवाही से घर की बाउंड्री में खेल रही 8 वर्षीय हिमांशी विश्वकर्मा की जान चली गई, लेकिन पुलिस ने पहले इसे साधारण हादसा मानते हुए हल्की धाराओं में मामला दर्ज किया।बच्ची की मौत पर देर से जागी पुलिस

बाद में मीडिया में खबर के प्रकाशन और परिजनों के धरना-प्रदर्शन के दबाव के चलते पुलिस को अपनी गलती स्वीकार करनी पड़ी। इसके बाद ही पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (ग़ैर इरादतन हत्या) और धारा 151 (लापरवाही) जोड़ते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया।बच्ची की मौत पर देर से जागी पुलिस

? पूरा मामला क्या है?

? मुख्य बिंदु:-
8 साल की बच्ची हिमांशी की स्कॉर्पियो की चपेट में आकर मौत
• वाहन चला रहा था बिना लाइसेंस वाला नौसिखिया
• पहले साधारण धाराएं, बाद में बढ़ाई गईं धाराएं
• धारा 105 और 151 के तहत दो आरोपी गिरफ्तार
• पुलिस पर निष्पक्षता में चूक और सौदेबाजी के आरोप
• परिजनों के प्रदर्शन के बाद ही मिली कार्रवाई

  • घटना गुरुवार सुबह की है, जब मासूम हिमांशी अपने नाना-नानी के घर की बाउंड्री के भीतर खेल रही थी।
  • तभी एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो (CG 16 CQ 2859) बाउंड्री तोड़ते हुए अंदर घुस गई और बच्ची को दीवार और गेट के बीच कुचल दिया।
  • प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन आयुष पैकरा चला रहा था, जो नौसिखिया था और उसके साथ एक युवक बैठा हुआ था।
  • बताया गया कि गाड़ी का मालिक अपने दोस्त को वाहन चलाना सिखा रहा था – जो खुद ड्राइविंग लाइसेंसधारी नहीं था।

? पुलिस की पहली प्रतिक्रिया: लीपापोती और लापरवाही

  • शुरुआती एफआईआर में हल्की धाराएं लगाई गईं।
  • आरोपी को तत्काल छोड़ दिया गया।
  • लोगों का आरोप है कि पुलिस ने समझौताकर मामला दबा दिया।

धरना-प्रदर्शन और दबाव के बाद बढ़ी धाराएं

  • मृतका के परिजनों ने थाने का घेराव किया।
  • बच्ची का शव थाने के सामने रखकर प्रदर्शन किया गया।
  • तब जाकर पुलिस ने गंभीर धाराएं जोड़ीं और दो युवकों की गिरफ्तारी की।

जवाबदेही के सवाल:

  • क्या नौसिखिया को गाड़ी सिखाना रिहायशी इलाके में अपराध नहीं?
  • क्या वाहन मालिक और ड्राइविंग सिखाने वाला बराबर का दोषी नहीं?
  • क्या बगैर आंदोलन के पुलिस निष्पक्ष कार्यवाही नहीं करती?

? अब तक क्या-क्या जोड़ा गया केस में?

  • धारा 105 BNS: गैर इरादतन हत्या
  • धारा 151 BNS: लापरवाही से जान को खतरा पहुंचाना

 

Nidar Chhattisgarh Desk

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