
Korea Health System Fail: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को साफ बयां करती है। Digital India के इस दौर में भी एक मरीज को एम्बुलेंस न मिलने के कारण उसे खाट (Cot) पर लादकर ले जाना पड़ा।
क्या है पूरा मामला? (The Ground Reality)
Korea Health System Fail: घटना कोरिया जिले के बंजारीडांड गांव (Banjaridand Village) की है। यहाँ एक ग्रामीण का पैर बुरी तरह फ्रैक्चर हो गया था। दर्द से तड़पते मरीज के परिजनों ने तुरंत एम्बुलेंस को कॉल किया, लेकिन मदद नहीं पहुंच सकी। एम्बुलेंस न पहुँचने का कारण कोई तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि गांव की खस्ताहाल सड़कें (Bad Road Infrastructure) थीं। गांव तक पक्की सड़क न होने की वजह से एम्बुलेंस चालक ने बीच रास्ते में ही हाथ खड़े कर दिए।
खाट बनी ‘स्ट्रेचर’, ग्रामीण बने ‘मसीहा’
Korea Health System Fail: जब सरकारी सिस्टम फेल हो गया, तो ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाला। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे ग्रामीण मरीज को एक लकड़ी की खाट पर लिटाकर, उसे अपने कंधों पर उठाकर पथरीले रास्तों से होते हुए मुख्य सड़क तक ले जा रहे हैं। यह दृश्य न केवल दिल दहला देने वाला है बल्कि प्रदेश की Health Care System पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है।
क्यों नहीं सुधर रहे हालात?
Korea Health System Fail: यह कोई पहली घटना नहीं है जब छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों से ऐसी तस्वीरें आई हों। इस घटना ने दो मुख्य मुद्दों को उजागर किया है:
Lack of Connectivity: आजादी के इतने सालों बाद भी कई गांव पक्की सड़कों से नहीं जुड़े हैं।
Emergency Response Failure: एम्बुलेंस सेवा का दूरदराज के इलाकों में न पहुंच पाना मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।
Korea Health System Fail: यह वीडियो प्रशासन के लिए एक वेक-अप कॉल (Wake-up call) है। जहां एक ओर हम आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सड़कें न होने के कारण एक घायल व्यक्ति को बुनियादी इलाज के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर लोग अब प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं कि आखिर कब तक ग्रामीण भारत इसी तरह ‘खाट’ के भरोसे रहेगा?



















