अधिकांश स्कूलों में नहीं है बाउंड्रीवाल, बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा

अभिभावकों की शिकायतें अनसुनी, जिला प्रशासन उदासीन
कोरबा: जिले के अधिकांश स्कूलों में बाउंड्रीवाल न होने से बच्चों की सुरक्षा और सुविधा पर बड़ा खतरा बना हुआ है। अभिभावकों ने कई बार जिला शिक्षा विभाग और प्रशासन से शिकायतें की हैं, लेकिन इन समस्याओं का समाधान अब तक नहीं हो पाया है। अधिकांश स्कूलों में नहीं है बाउंड्रीवाल, बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा
खेल-कूद और सुरक्षा में बाधा
बाउंड्रीवाल की कमी के कारण खेल-कूद के मैदान सिमट रहे हैं, जिससे बच्चे क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी, बास्केटबॉल जैसे खेल नहीं खेल पा रहे हैं। इसके अलावा, खुले मैदान में मवेशियों और अन्य जानवरों के हमले का डर बना रहता है। यह स्थिति उत्कृष्ट खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और राज्य स्तर की स्पर्धाओं में शामिल होने से भी रोक रही है। अधिकांश स्कूलों में नहीं है बाउंड्रीवाल, बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा
सरकारी स्कूलों पर अवैध कब्जे का संकट
कोरबा के करीब 2300 सरकारी स्कूलों में से एक तिहाई स्कूलों में बाउंड्रीवाल नहीं है। इसका फायदा उठाकर अवैध कब्जाधारियों ने स्कूल की जमीन और खेल के मैदानों पर झुग्गियां बना ली हैं। इससे स्कूलों के दायरे घट रहे हैं, और बच्चों की सुरक्षा खतरे में है। अधिकांश स्कूलों में नहीं है बाउंड्रीवाल, बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा
चोरी की घटनाओं ने बढ़ाई समस्या
सुरक्षा के अभाव में स्कूल असामाजिक तत्वों के निशाने पर हैं। सर्वमंगला नगर दुरपा स्थित स्कूल में कुछ माह पहले कंप्यूटर और अन्य शिक्षा सामग्रियां चोरी हो गईं। इन घटनाओं से विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। अधिकांश स्कूलों में नहीं है बाउंड्रीवाल, बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा
प्रशासन की कार्ययोजना पर सवाल
जिला प्रशासन ने नए शिक्षा सत्र से पहले बाउंड्रीवाल निर्माण और जर्जर स्कूलों की मरम्मत का वादा किया था। लेकिन सत्र का आधा समय बीतने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। इससे अभिभावकों और छात्रों में निराशा है। कई स्कूलों में छात्र संख्या भी घटने लगी है। अधिकांश स्कूलों में नहीं है बाउंड्रीवाल, बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा



















