
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की निर्मम हत्या ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। तीन दिनों से लापता 35 वर्षीय पत्रकार का शव चट्टान पारा इलाके के एक सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ। उनके शरीर पर चोटों और गला घोंटने के स्पष्ट निशान मिले हैं, जो इस हत्या की भयावहता को दर्शाते हैं। पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या: सेप्टिक टैंक से शव बरामद, ठेकेदार के भाई गिरफ्तार
घटना की पूरी जानकारी
भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या. एसपी जितेंद्र यादव ने कहा आरोपियों को नही छोड़ेंगे.#ChhattisgarhNews pic.twitter.com/vV6Sim7w1a
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पुलिस ने मुकेश चंद्राकर के मोबाइल की आखिरी लोकेशन का अनुसरण करते हुए जांच शुरू की। चट्टान पारा स्थित ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के बाड़े के पास एक सेप्टिक टैंक को तोड़ा गया, जहां से पत्रकार का शव बरामद हुआ।

बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि मुकेश के सिर पर कुल्हाड़ी और नुकीले हथियारों से वार के गहरे निशान थे। मामले में ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के भाई को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मुकेश की हत्या उनके निर्भीक पत्रकारिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण हुई है या इसके पीछे अन्य कारण हैं। पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या: सेप्टिक टैंक से शव बरामद, ठेकेदार के भाई गिरफ्तार
मुख्यमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सजा दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा, “यह घटना हृदयविदारक है। सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने घटना की निंदा करते हुए कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सच दिखाने की कीमत पत्रकारों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है। मुकेश चंद्राकर की हत्या समाज के लिए बड़ी क्षति है।” पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या: सेप्टिक टैंक से शव बरामद, ठेकेदार के भाई गिरफ्तार

पत्रकार संगठनों का आक्रोश
इस घटना के बाद प्रदेश के पत्रकारों और संगठनों में जबरदस्त आक्रोश है। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया। संगठनों ने दोषियों को कठोर सजा देने और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या: सेप्टिक टैंक से शव बरामद, ठेकेदार के भाई गिरफ्तार
पत्रकारिता की आवाज दबाने की कोशिश
मुकेश चंद्राकर की हत्या ने पत्रकारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना न केवल एक निर्भीक पत्रकार की हत्या है, बल्कि समाज की आवाज को दबाने का कुत्सित प्रयास है। इस मामले में सरकार और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे दोषियों को सख्त से सख्त सजा दें और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या: सेप्टिक टैंक से शव बरामद, ठेकेदार के भाई गिरफ्तार



















