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सिरोही-मंडार मार्ग का रहस्य: आखिर कहां गए सडक़ मरम्मत के 5 करोड़ रुपये?

"खस्ताहाल सडक़ से रोज गुजरते हैं सांसद व जिला प्रमुख, जनता परेशान"

सिरोही, राजस्थान: सिरोही-मंडार मार्ग का रहस्य: आखिर कहां गए सडक़ मरम्मत के 5 करोड़ रुपये? सिरोही-रेवदर-मंडार मार्ग पर गड्ढों की बदहाली को देखकर यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर सालभर पहले स्वीकृत हुए करीब पांच करोड़ रुपये की सडक़ मरम्मत राशि कहां गायब हो गई। यह बदहाल सडक़ अपनी कहानी खुद कह रही है, जिस पर आज तक न तो मरम्मत हुई और न ही वाहन चालकों को गड्ढों से राहत मिल पाई है। मंडार और रेवदर कस्बों में क्षतिग्रस्त सडक़ों की मरम्मत के लिए लोग प्रदर्शन भी कर चुके हैं, और सिरोही शहर में भी छात्रों ने इसी तरह का विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन सडक़ के गड्ढे ज्यों के त्यों बने हुए हैं।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसी मार्ग से सांसद लुम्बाराम चौधरी और जिला प्रमुख अर्जुनराम प्रतिदिन आवाजाही करते हैं, लेकिन जनता की इस गंभीर समस्या पर उनका ध्यान नहीं जा रहा है। सालभर पहले सडक़ मरम्मत के लिए स्वीकृत हुई राशि अब कहां अटक गई है, यह एक रहस्य बना हुआ है।सिरोही-मंडार मार्ग का रहस्य

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मरम्मत स्वीकृति का आधार:

सिरोही-मंडार मार्ग का रहस्य: आखिर कहां गए सडक़ मरम्मत के 5 करोड़ रुपये?
दरअसल, सिरोही से मंडार तक सडक़ को बेहतर बनाने और फोरलेन में तब्दील करने की दिशा में स्वीकृति जारी की गई थी। नेशनल हाईवे खंड पाली ने 15 अक्टूबर 2024 को इस 76.4 किलोमीटर लंबे मार्ग को अपने अधीन लिया था और इसे टू-लेन से फोरलेन में बदलने का निर्णय लिया था। इसके लिए 4 अक्टूबर 2024 को प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए नए सिरे से टेंडर भी जारी किए गए थे।सिरोही-मंडार मार्ग का रहस्य

पौने छह करोड़ का बजट:
भारत सरकार के परिवहन और हाईवे मंत्रालय ने इस सडक़ के सुधार और डीपीआर तैयार करने के लिए कुल 5.87 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था। इसमें से 1.91 करोड़ रुपये डीपीआर निर्माण के लिए और 4.96 करोड़ रुपये सडक़ मरम्मत के लिए आवंटित किए गए थे।सिरोही-मंडार मार्ग का रहस्य

शासन-प्रशासन की बेपरवाही:

सिरोही-मंडार मार्ग का रहस्य: आखिर कहां गए सडक़ मरम्मत के 5 करोड़ रुपये?
कुछ दिनों पहले सिरोही शहर में अनादरा मार्ग पर छात्रों ने प्रतीकात्मक रूप से सडक़ के गड्ढों को मिट्टी से भरकर शासन-प्रशासन को जगाने की कोशिश की थी। छात्रों ने यह संदेश दिया था कि टूटी सडक़ों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं, फिर भी सरकार और प्रशासन आंखें मूंदकर बैठे हैं। हालांकि, इस पहल के बाद भी न तो सडक़ की मरम्मत हुई और न ही कोई राहत मिल पाई।सिरोही-मंडार मार्ग का रहस्य

हाईवे अथॉरिटी की उदासीनता:
इस मामले में हाईवे अथॉरिटी भी बेपरवाह नजर आ रही है। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद गड्ढों को पाटने की दिशा में कोई काम नहीं किया जा रहा है। सिरोही-मंडार तक की यह सडक़ अब राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पाली खंड के अधीन है। इस संबंध में एनएच अधिकारी राहुलसिंह से बातचीत का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। जनता उम्मीद कर रही है कि जल्द ही इस महत्वपूर्ण मार्ग की मरम्मत होगी और उन्हें गड्ढों से छुटकारा मिलेगा।सिरोही-मंडार मार्ग का रहस्य

Dr. Tarachand Chandrakar

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